हिसार पुलिस का नशे के विरुद्ध जनजागरण अभियान: बालसमंद और बांडाहेड़ी में जागरूकता कार्यक्रम; 11 नशा पीड़ितों की काउंसलिंग कर दिलवाई दवाइयां
हिसार, 21 जून (अन्नू): नशा तस्करों पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ-साथ युवाओं को इस दलदल से बचाने और पीड़ितों के पुनर्वास के लिए हिसार पुलिस बेहद संजीदगी से काम कर रही है। आईजीपी हिसार मंडल के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक (SP) हिसार के कुशल नेतृत्व में नशा मुक्ति पुलिस टीम द्वारा जिलेभर में निरंतर जागरूकता एवं पुनर्वास अभियान चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में भारत सरकार एवं हरियाणा सरकार के विशेष दिशा-निर्देशानुसार 11 जून 2026 से 26 जून 2026 तक चलाए जा रहे “नशा निषेध दिवस – ड्रग फ्री हरियाणा” थीम पखवाड़े के अंतर्गत थाना सदर क्षेत्र के गांव बालसमंद और गांव बांडाहेड़ी में एक विशेष मुहिम चलाई गई।
बालसमंद आईटीआई में 125 विद्यार्थियों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ
अभियान के तहत गांव बालसमंद में स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में एक विशेष नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान के लगभग 125 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
दुष्प्रभावों की दी जानकारी: कार्यक्रम में नशा मुक्ति पुलिस टीम और आईटीआई के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा संयुक्त रूप से विद्यार्थियों व स्टाफ को नशे के घातक शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया।
सकारात्मक गतिविधियों की प्रेरणा: युवाओं को जागरूक करते हुए आह्वान किया गया कि वे नशे की संगति से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेलकूद और अन्य सकारात्मक रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं। इस दौरान ग्रामीणों और परिजनों से सीधा संवाद कर नशा तस्करी से जुड़ी खुफिया सूचनाएं भी एकत्रित की गईं।
बांडाहेड़ी महिला नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण
इसके बाद पुलिस टीम ने गांव बांडाहेड़ी में स्थित 'फर्स्ट वूमेन सोशल वेलफेयर सोसाइटी' द्वारा संचालित एकमात्र महिला नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
मानकों के पालन के निर्देश: निरीक्षण के दौरान केंद्र का पूरा स्टाफ मौके पर तैनात मिला। पुलिस टीम ने केंद्र संचालकों को कड़े निर्देश दिए कि इस पुनर्वास केंद्र को पूरी तरह व्यवस्थित और सरकार द्वारा निर्धारित कानूनी मानकों के अनुरूप ही संचालित किया जाए।
कोई महिला भर्ती नहीं: निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड खंगालने पर यह जानकारी सामने आई कि इस विशेष केंद्र के प्रारंभ होने के बाद से लेकर अब तक यहां कोई भी महिला नशा पीड़ित उपचार के लिए भर्ती नहीं हुई है।
ग्राउंड जीरो पर एक्शन: 11 नशा पीड़ितों तक पहुंचाई मेडिकल सहायता
हिसार पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने केवल भाषणों तक सीमित न रहकर धरातल पर पीड़ितों के पुनर्वास के लिए ठोस कार्रवाई की, जिसका विवरण इस प्रकार है:
नई पहचान: अभियान के दौरान जिला हिसार में कुल 03 नए नशा पीड़ितों की पहचान की गई।
दवाइयों का वितरण: कुल 05 नशा पीड़ितों को सरकारी अस्पताल हिसार के डॉक्टरों के माध्यम से एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाइयां निशुल्क उपलब्ध करवाई गईं।
होम काउंसलिंग: पुलिस टीम ने 02 नशा पीड़ितों के घर जाकर पहली बार उन्हें आयुर्वेदिक दवाइयां सौंपी और उनकी मानसिक काउंसलिंग की, जबकि 04 पुराने नशा पीड़ितों को दूसरी बार का फॉलो-अप उपचार मुहैया कराया गया।
पुनर्वास: आज के इस पूरे अभियान के माध्यम से कुल 11 नशा पीड़ितों तक सीधे तौर पर उपचार व डॉक्टरी परामर्श की सेवाएं पहुंचाई गईं, जिनमें से अत्यधिक गंभीर 02 नशा पीड़ितों को बेहतर इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्र (रिहैब सेंटर) में दाखिल करवाया गया।
सामूहिक प्रयासों से ही बनेगा सुरक्षित समाज: पुलिस अधीक्षक
हिसार के पुलिस कप्तान ने आमजन, मौजिज लोगों और पंचायतों से विशेष अपील करते हुए कहा कि एक नशा मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में देश के प्रत्येक नागरिक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी भी ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में कोई व्यक्ति नशा बेचता है या नशे से जुड़ी अवैध गतिविधियां संचालित करता है, तो इसकी सूचना तत्काल हिसार पुलिस को दें। पुलिस अधिकारी ने जोर देकर कहा कि जनता और पुलिस के सामूहिक प्रयासों से ही हमारी युवा पीढ़ी को नशे की इस खतरनाक गिरफ्त से सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है।
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