अबकी बार डिस्कॉम्स की ‘सेहत‘ में सुधार—राजस्थान
एन.एस.बाछल, 13 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन तथा ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के निर्देशन में ऊर्जा विभाग द्वारा प्रदेश के विद्युत वितरण निगमों को मजबूती दी जा रही है। इसी दिशा में बेहतर आर्थिक प्रबंधन से राजस्थान डिस्कॉम्स ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपना ऋणभार करीब 1352 करोड़ रूपए कम करने मेें कामयाबी हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के वितरण निगमों पर कुल ऋण भार 97970 करोड़ रूपए था जो वर्ष 2025-26 में घटकर 96618 करोड़ रूपए रह गया है। इस अवधि में कुल ऋणों में अजमेर विद्युत वितरण निगम ने 935 करोड़ रूपए तथा जयपुर विद्युत वितरण निगम ने 644 करोड़ रूपए की कमी की है।
दरअसल राजस्थान डिस्कॉम्स ने वित्तीय मानकों को कड़ाई से लागू किया। यह सुनिश्चित किया कि बजट प्रावधानों के अनुरूप खर्चा हो। इससे अनावश्यक खर्चों में कमी आई। वर्तमान के साथ-साथ पुराने बकाया राजस्व की रिकवरी पर भी फोकस किया गया। ऋणों पर ब्याज दरों में कमी की गई। इन प्रयासों का परिणाम रहा कि अजमेर डिस्कॉम पर जो बकाया ऋण वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 26,059 करोड़ रूपए थे वह 2025-26 में घटकर 25,124 करोड़ रूपए तथा जयपुर डिस्कॉम पर बकाया ऋण इसी अवधि में 35,118 करोड़ रूपए से घटकर 34,474 करोड़ रूपए रह गए। वहीं जोधपुर विद्युत वितरण निगम के ऋण 36,792 से बढ़कर 37019 करोड़ रूपए हो गए हैं।
विशेष ब्याज दरों से मिली राहत—
आर्थिक मोर्चे पर निगमों को सबसे बड़ी सफलता वर्ष 2025-26 के दौरान पावर फाइनेंस कार्पोरेशन (पीएफसी) तथा रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (आरईसी) से अपेक्षाकृत कम ब्याज दरों पर ऋण सुविधा हासिल करने में मिली। इस संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल से दिल्ली में मुलाकात कर आग्रह किया था। दोनों संस्थानों से डिस्कॉम्स को अब न्यूनतम 8.75 प्रतिशत की विशेष ब्याज दरों पर शॉर्ट टर्म तथा दीर्घावधि ऋण मिल रहे हैं। ऋणों पर देय ब्याज दरों में 0.90 प्रतिशत से लेकर 1.40 प्रतिशत तक की कमी आई है। इससे उच्च ब्याज दरों वाले ऋणों पर ब्याज के बोझ को कम किया जा सका।
पहली बार अर्जित किया 101 प्रतिशत राजस्व—
वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार एक साथ तीनों डिस्कॉम्स ने शत-प्रतिशत राजस्व अर्जित करने में कामयाबी हासिल की। इस दौरान जयपुर डिस्कॉम ने 26 साल में पहली बार सर्वाधिक 102 प्रतिशत, अजमेर ने 100.23 प्रतिशत तथा जोधपुर डिस्कॉम ने 100.96 प्रतिशत राजस्व अर्जित किया। कुल राजस्व वसूली 77492 करोड़ रूपए से अधिक हुई जो कि बिलिंग राशि 76752 करोड़ रूपए से 740 करोड़ रूपए अधिक है। अर्थात इस साल तीनों निगमों ने उपभोक्ताओं को जितनी बिजली की आपूर्ति की, उसकी पूरी रिकवरी करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं से पुराने बकाया 740 करोड़ रूपए भी वसूल किए।
जयपुर डिस्कॉम ने बदले सभी डिफेक्टिव मीटर—
जयपुर विद्युत वितरण निगम ने प्रभावी प्रयास करके वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सभी सर्किलों को जीरो डिफेक्टिव मीटर किया। इससे एवरेज बिलिंग पर अंकुश लगा और उपभोग के आधार पर शत-प्रतिशत बिलिंग सुनिश्चित हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में मीटर के डिफेक्टिव होने के कारण जयपुर डिस्कॉम में उपभोक्ताओं को विद्युत शुल्क में 2 करोड़ 4 लाख रूपए की छूट दी गई थी। यह वित्तीय वर्ष 2025-26 में मात्र 14.84 लाख रूपए ही रह गई। इस कारण जयपुर डिस्कॉम को वित्त वर्ष 2025-26 में 1 करोड़ 90 लाख रूपए की बचत हुई।
कबाड़ के निस्तारण से मिली दोगुनी आय—
अनुपयोगी सामग्री के ऑक्शन में जयपुर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 118.45 करोड़ रूपए अर्जित किए। यह स्क्रेप मैटेरियल की नीलामी से निगम को प्राप्त अब तक की रिकॉर्ड आय है। यह आय बीते दो वित्तीय वर्षों में अनुपयोगी सामग्री की नीलामी से प्राप्त आय से करीब-करीब दोगुनी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 61.29 करोड़ रूपए तथा 2024-25 में 55.76 करोड़ रूपए ही प्राप्त हुए थे।
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