आर्य कॉलेज में ऑडिटोरियम के नवीनीकरण पर हवन: प्राचार्या डॉ. अंजु बाला बोलीं—हवन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर
जे कुमार अंबाला छावनी, 19 मार्च 2026: अंबाला छावनी स्थित आर्य कॉलेज के प्रांगण में आज आध्यात्मिक और उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। कॉलेज के नवनिर्मित और आधुनिक सुविधाओं से लैस ऑडिटोरियम के सफल नवीनीकरण के उपरांत, उसके विधिवत शुभारंभ के अवसर पर वैदिक अध्ययन केंद्र के तत्वावधान में एक भव्य हवन एवं प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण की गूँज के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अंजु बाला, समस्त शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ और छात्राओं ने पूर्ण श्रद्धा के साथ आहुतियां डालीं।
नैतिक मूल्यों और सकारात्मकता का संचार: इस पावन अवसर पर प्राचार्या डॉ. अंजु बाला ने अपने संबोधन में कहा कि हवन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की वह अमूल्य धरोहर है जो पर्यावरण की शुद्धि के साथ-साथ मानव मन और आत्मा को असीम शांति प्रदान करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षण संस्थानों में ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना है। डॉ. बाला ने बताया कि वैदिक यज्ञ परंपरा हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराती है और जीवन में संतुलन व आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है।
सांस्कृतिक और शैक्षणिक समन्वय: कार्यक्रम के दौरान संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. सोनिया शास्त्री ने यज्ञपति की मुख्य भूमिका निभाई और यज्ञ की महिमा से सभी को अवगत कराया। हवन के माध्यम से न केवल संस्थान की प्रगति, बल्कि छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य और विश्व शांति की कामना भी की गई। कॉलेज के नवीनीकृत ऑडिटोरियम को अब नई ऊर्जा के साथ सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए समर्पित कर दिया गया है। कार्यक्रम का समापन सामूहिक शांतिपाठ और प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें कॉलेज के सभी विभागों के सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
#AryaCollegeAmbala #HavanCereemony #VedicTradition #AuditoriumRenovation #AmbalaCanttNews #EducationAndCulture #SpiritualGrowth #IndianHeritage #PositiveVibes #AmbalaEducation