हरियाणा वेदर अपडेट: अप्रैल में लौटी फरवरी वाली ठंड, बारिश और ओलावृष्टि से लुढ़का पारा

हरियाणा/मौसम,  9 अप्रैल (अन्‍नू): हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। अप्रैल के महीने में जहाँ भीषण गर्मी होनी चाहिए थी, वहीं बारिश और ओलावृष्टि ने तापमान पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 8 अप्रैल को अधिकतम तापमान सामान्य से 8.1°C तक नीचे दर्ज किया गया, जिससे लोगों को अप्रैल में फरवरी जैसी ठंड का अहसास हो रहा है।


महेंद्रगढ़ रहा सबसे ठंडा, अंबाला-करनाल में भी ठिठुरन


पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान में भी भारी गिरावट आई है। महेंद्रगढ़ 14.1°C के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा। वहीं अंबाला, करनाल और हिसार जैसे जिलों में भी पारा 15°C के आसपास बना हुआ है। ठंडी हवाओं और आसमान में बादलों की वजह से रात के समय लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।


किसानों की बढ़ी चिंता: फसल और मंडियों में नुकसान


बेमौसम हुई इस बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल को ओलों से नुकसान की आशंका है। इसके अलावा, प्रदेश की मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भी भीग गया है, जिससे किसानों और आढ़तियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।


कब तक रहेगा ऐसा मौसम?


मौसम विभाग का अनुमान है कि आज से आसमान साफ होने लगेगा, लेकिन हवाओं में मौजूद ठंडक अभी बरकरार रहेगी। 10 अप्रैल से मौसम पूरी तरह खुलने की संभावना है, जिसके बाद सूरज के तेवर तीखे होंगे और गर्मी एक बार फिर से वापसी करेगी।



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