हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त पहरा: डेंगू-मलेरिया की रिपोर्टिंग अब 24 घंटे में अनिवार्य

जे कुमार चंडीगढ़ 14 फरवरी 2026 : हरियाणा सरकार ने प्रदेश में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों पर लगाम कसने के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और प्रयोगशालाओं के लिए किसी भी पुष्ट मामले की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर संबंधित सिविल सर्जन को देना अनिवार्य होगा। यह आदेश महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत जारी किया गया है और 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा।

सरकार ने मरीजों की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के लिए जांच दरों को भी सीमित कर दिया है। अब कोई भी निजी लैब या अस्पताल डेंगू की एलाइजा (ELISA) आधारित जांच के लिए 600 रुपये से अधिक नहीं वसूल सकेगा। साथ ही, गंभीर स्थिति में जरूरत पड़ने वाले सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (SDP) की अधिकतम कीमत 11,000 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है।

नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर भारी जुर्माने का प्रावधान है:

* पहली बार उल्लंघन: 1,000 रुपये जुर्माना।

* दूसरी बार उल्लंघन: 5,000 रुपये जुर्माना।

* तीसरी या उससे अधिक बार: 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

इसके अलावा, अपूर्ण डेटा देने या बिना पुष्ट जांच के किसी को पॉजिटिव घोषित करने पर भी दंडात्मक कार्रवाई होगी। प्रशासन का मानना है कि इन सख्त कदमों से न केवल बीमारियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी, बल्कि निजी अस्पतालों द्वारा किए जाने वाले आर्थिक शोषण पर भी रोक लगेगी। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय स्तर पर फॉगिंग और एंटी-लार्वा गतिविधियों को भी तेज करने के निर्देश दिए हैं।

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