09/08/26

गोवा: संगठित ड्रग तस्करी के खिलाफ NCB और गोवा पुलिस की संयुक्त बैठक; 2nd JCC मीट में बने कई बड़े फैसले

गोवा, 09 अगस्त (अन्‍नू): गोवा जोन में संगठित मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अंतर-एजेंसी समन्वय को मजबूत करने के लिए वर्ष 2026 की दूसरी संयुक्त समन्वय समिति (Joint Coordination Committee - JCC) की बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की सह-अध्यक्षता एनसीबी के उप महानिदेशक (दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र) विशाल एम. सनाप और गोवा पुलिस एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस महानिरीक्षक (IG) के. आर. चौरासिया ने की।

बैठक में गोवा पुलिस, सीमा शुल्क (Customs), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), खुफिया ब्यूरो (IB), डाक विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) सहित गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक पुलिस इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

डिजिटल अपराधों, ड्रोन और जेल नेटवर्क पर मंथन

बैठक के दौरान एनसीबी के 'विज़न डॉक्यूमेंट (2026–2029)' के क्रियान्वयन और नशीले पदार्थों की तस्करी के उभरते नए तरीकों पर विस्तृत चर्चा हुई:

  • तकनीकी चुनौती: तस्करी के लिए ड्रोन का बढ़ता इस्तेमाल, क्रिप्टो-करंसी (Cryptocurrency) के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग और गोवा एयरपोर्ट व स्पीड पोस्ट/डाक माध्यमों से होने वाली अवैध सप्लाई पर अंकुश लगाने की रणनीति बनाई गई।

  • जेल से चलने वाले नेटवर्क: जेलों के भीतर से संचालित होने वाले ड्रग तस्करों के सिंडिकेट को खत्म करने पर विशेष जोर दिया गया।

वित्तीय जांच और PITNDPS कानून का सख्त इस्तेमाल

एजेंसियों ने समन्वित कार्रवाई को और मजबूत करने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति जताई:

  1. वित्तीय जांच (Financial Investigation): intermediate मात्रा से जुड़े मामलों में भी तस्करों की अवैध संपत्तियों की सघन वित्तीय जांच करना।

  2. PITNDPS एक्ट: आदतन और पेशेवर ड्रग अपराधियों के खिलाफ 'पिट एनडीपीएस अधिनियम' (PITNDPS Act) के तहत निवारक हिरासत (Preventive Detention) का प्रभावी प्रयोग करना।

  3. इंटेलिजेंस शेयरिंग: रियल-टाइम में खुफिया जानकारी साझा करना, संयुक्त पूछताछ (Joint Interrogation) करना और रेड फ्लैग इंडिकेटर्स (RFI) के जरिए गुप्त ड्रग प्रयोगशालाओं (Clandestine Labs) की पहचान करना।

बिना पर्चे के दवाइयों की बिक्री व विदेशी नागरिकों का निर्वासन

  • प्रिस्क्रिप्शन ड्रग्स पर नकेल: एफडीए (FDA) अधिकारियों के साथ मेडिकल स्टोरों पर 'टैपेंटाडोल' (Tapentadol/Tydol) जैसी प्रतिबंधित दर्द निवारक व नशीली दवाओं की बिना वैध डॉक्टर पर्चे के बिक्री रोकने पर कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया गया।

  • विदेशी नागरिकों पर कार्रवाई: उपयुक्त मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं के तहत अभियोजन वापस लेने और नशीले पदार्थों के अपराधों में लिप्त विदेशी नागरिकों को वापस उनके देश डिपोर्ट (Deport) करने के प्रावधानों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

बैठक के अंत में सभी भाग लेने वाली एजेंसियों ने संगठित नारकोटिक्स नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने और अंतर-एजेंसी सहयोग को और सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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