दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: हत्या और आर्म्स एक्ट सहित 30 मामलों में शामिल भगोड़ा रवि गिरफ्तार
नई दिल्ली, 27 मई (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ER-II) ने मोस्ट वांटेड अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए न्यू उस्मानपुर इलाके से एक शातिर और घोषित भगोड़े (Proclaimed Offender) को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, पकड़े गए आरोपी के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, चोरी और आबकारी अधिनियम (Excise Act) जैसे एक-दो नहीं, बल्कि कुल 30 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कोर्ट से जमानत मिलते ही बदल लिया था पता, खुफिया जाल बिछाकर दबोचा
दिल्ली पुलिस की प्रेस रिलीज के मुताबिक, आरोपी रवि कुमार उर्फ मनीष उर्फ रविया (उम्र 36 वर्ष, निवासी: प्रसादी मोहल्ला, न्यू उस्मानपुर, दिल्ली) को साल 2023 में न्यू उस्मानपुर पुलिस ने एक धारदार चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में कोर्ट में ट्रायल के दौरान आरोपी को जमानत मिल गई थी।
जमानत पर बाहर आते ही आरोपी अदालत में पेशी से जानबूझकर गायब हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलने लगा। बार-बार कोर्ट के समन की अवहेलना करने पर माननीय अदालत ने उसे आर्म्स एक्ट के मामले (FIR No-577/2020) में घोषित भगोड़ा (PO) करार दे दिया था।
इंस्पेक्टर उमेश सती की टीम ने बिछाया जाल
डीसीपी (क्राइम-IV) पंकज कुमार (IPS) के सुपरविजन और एसीपी नरेंद्र सिंह के निर्देशों पर इस वांछित अपराधी को दबोचने के लिए इंस्पेक्टर उमेश सती के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर ब्रह्मपाल, हेड कांस्टेबल भूपेंद्र और विकास शामिल थे।
तफ्तीश के दौरान सब-इंस्पेक्टर ब्रह्मपाल को खुफिया इनपुट मिले कि आरोपी न्यू उस्मानपुर इलाके में ही अपनी पहचान छिपाकर गुप्त रूप से रह रहा है। इसके बाद ई-कोर्ट और आईसीजेएस (ICJS) पोर्टल के रिकॉर्ड खंगाले गए। बीते 26 मई 2026 को क्राइम ब्रांच की टीम ने न्यू उस्मानपुर इलाके में जाल बिछाया और घेराबंदी कर आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35.1(d) के तहत धर दबोचा।
मजदूरी की आड़ में अपराध: आरोपी की खौफनाक हिस्ट्रीशीट
दिल्ली पुलिस की जांच और रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी रवि केवल 5वीं कक्षा तक पढ़ा है और अपनी पहचान छिपाने के लिए मजदूरी का काम करता था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। आरोपी की क्राइम कुंडली बेहद खौफनाक है:
पहला बड़ा अपराध (2010): आरोपी के खिलाफ साल 2010 में न्यू उस्मानपुर थाने में हत्या (धारा 302 IPC) का पहला संगीन मामला दर्ज हुआ था।
चोरी और आबकारी के मामले: इसके बाद आरोपी ने साल 2012 से 2026 के बीच दिल्ली के न्यू उस्मानपुर, सनलाइट कॉलोनी, बुढ़ारी, शास्त्री पार्क, कोतवाली और आईपी एस्टेट जैसे विभिन्न थानों के क्षेत्रों में ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम दिया। उसके खिलाफ अकेले न्यू उस्मानपुर थाने में ही करीब 25 से ज्यादा चोरी और अवैध शराब तस्करी के केस दर्ज हैं।
क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित कोर्ट और स्थानीय थाने को सूचित कर दिया है।
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