डेयरी उत्पादों के क्षेत्र में सरस को विश्वस्तरीय ब्रांड बनाने के हर संभव प्रयास
एन.एस. बाछल, 18 अप्रैल, जयपुर।
पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि सरस उत्पादों की गुणवत्ता एवं शुद्धता के कारण सम्पूर्ण देश में एक विशिष्ठ पहचान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप डेयरी उत्पादों के क्षेत्र में सरस को विश्वस्तरीय ब्रांड बनाने के हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।
जोराराम कुमावत गुरुवार को शासन सचिवालय में आयोजित राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने आरसीडीएफ के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन सरस उत्पादों की मांग अधिक है उनके उत्पादन में वृद्धि की जाए। साथ ही उत्पादन के समय गुणवत्ता का विशेष रूप से ध्यान रखा जाये।
पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ने कहा कि सरस उत्पादों के नाम से ख़राब गुणवत्ता के उत्पादों को बनाने एवं बेचने वालों के विरुद्ध निरंतर जाँच अमल में लाकर सख्त कार्रवाई की जाये। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग की बजट घोषणाओं को समय पर लागू करने के लिए उनकी नियमित मोनिटरिंग करते हुए पशुपालकों को राहत प्रदान करें।
पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने कहा कि सहकारी डेयरियाँ किसानों एवं पशुपालकों को आर्थिक संबल देने के साथ बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराती है इसलिए सभी सहकारी संघों में रिक्त पदों को भरने और नवीन संघों में नए पद स्वीकृत करने की कार्यवाही भी जल्द पूर्ण करने के प्रयास किये जायेगे।
राजस्थान सहकारिता डेयरी फेडरेशन लिमिटेड की प्रबन्ध निदेशक श्रुति भारद्वाज ने बैठक में बताया कि फेडरेशन द्वारा गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सरस उत्पादों के विक्रय में अभूतपूर्व प्रगति प्राप्त की गयी है। वर्ष 2024-25 में वाइट बटर की बिक्री में 757 प्रतिशत की वृद्धि हुई है वहीँ स्वीट्स में 38 फीसदी, घी में 21 फीसदी, फ्लेवर्ड मिल्क में 20 फीसदी तथा फ्रेश प्रोडक्ट्स की बिक्री में 18 फीसदी की वृद्धि हुई हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न संघों और आरसीडीएफ द्वारा इस वर्ष 400 करोड़ रुपए से अधिक का लाभ अर्जित किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 34 फीसदी से भी अधिक है।
बैठक में बताया गया कि कैटल फीड सेल में भी इस वर्ष 129 करोड़ रुपए से अधिक लाभ अर्जित किया गया है जो गत वर्ष की तुलना में 73 फीसदी से भी अधिक है। बजट घोषणा 2024-25 की अनुपालना में डेयरी सेवाओं के विस्तार के लिए एक हजार 362 डेयरी बूथों का आवंटन किया गया है तथा एक हजार से अधिक आवेदकों को सरस मित्र बनाया गया हैं।
नवाचारों से दुग्ध उत्पादकों की राह हो रही आसान—
बैठक में बताया की आरसीडीएफ द्वारा विभिन्न नवाचार किये जा रहे हैं जिनमें दुग्ध संकलन के क्षेत्र में संकलित किये जा रहे दुग्ध की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए आरसीडीएफ द्वारा सभी जिला दुग्ध संघों में 11 सितम्बर 2024 से एक "सरस अमृतम अभियान" मिशन मोड में शुरू किया गया। जिसके दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों पर मोबाईल वैन व अन्य संसाधनों के द्वारा औचक निरीक्षण कर संकलित दुग्ध की गुणवत्ता की जाँच की जा रही है। इसके लिए एक मोबाईल नम्बर भी जारी किया गया है जिसका नम्बर 7610000671 है। इस अभियान के तहत अब तक 9 हजार 182 नमूने एकत्रित कर जॉच की गई हैं एवं अब तक 5820 औचक निरीक्षण की गई हैं।
इसी प्रकार आरसीडीएफ से सम्बद्ध जिला दुग्ध संघों द्वारा समय-समय पर दुग्ध के उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए "दूध का दूध पानी का पानी" अभियान चलाया जाता है इसके तहत सभी जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में एक अस्थाई जॉच केन्द्र स्थापित कर दुग्ध के उपभोक्ताओं से उनके द्वारा उपयोग में लिये जा रहे दुग्ध का सैम्पल प्राप्त कर निशुल्क जाँच की जाती है। उक्त अभियान के अन्तर्गत अब तक 15060 सेम्पलों की जाँच की गई है।
सरस स्वरोजगार योजना 2024:
इसके अंतर्गत पहली बार युवा, महिला, स्वयं सहायक समूह को ईमित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने पर पात्रता एवं उपलब्धता अनुसार सरस बूथ पार्लर, कैफे व शॉप एजेंसी आवंटित किए जा रहे हैं ताकि वह सरस के साथ जुड़कर अपनी आजीविका कमा सके। कुल 12265 आवेदन प्राप्त हुए एवं 8250 आवेदनों को अनुमोदित किया गया।
दीपावली के पर्व पर सम्पूर्ण राज्य में एक साथ सरस मिठाई का उत्पादन कर सम्पूर्ण राज्य में "एक जिला एक डेयरी उत्पाद" की तर्ज पर 125 मै।टन से अधिक सरस दुग्ध एवं घी से बनी शुद्ध मिठाईयों की बिक्री की गई जो की अपने आप में एक नवाचार एवं एक कीर्तिमान है। उपभोक्ताओं द्वारा अलवर का मिल्क केक और बीकानेर के रसगुल्ले एवं सोनपापड़ी सर्वाधिक पसंद किये गये। सभी जिला दुग्ध संघों में बीएमसी के आवंटन में एकरूपता एवं पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एक नीति बनाकर लागू की गई।
बायो-फ्लेक्सी प्लांटों की स्थापना बड़े स्तर पर जयपुर डेयरी, भीलवाड़ा डेयरी एवं गंगानगर डेयरी द्वारा की जा रही हैं। म्यारा योजना के अंतर्गत 21000 रूपये का अनुदान लड़की के विवाह हेतु दिया जा रहा हैं। दुग्ध समितियों को बहुउद्देशीय बनाया जा रहा हैं। घी, पशु आहार के साथ साथ माइक्रो एटीएम , खाद बिक्री, सरस मिनी मार्ट इत्यादि कार्य भी दुग्ध समितियों के साथ जोड़ा जा रहा हैं।
बैठक में राजस्थान सहकारिता डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहें।