24/03/25

ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अम्बाला-साहा रोड पर अम्बाला छावनी सीमा पर स्वागतद्वार निर्माण के लिए 34 लाख रुपए जारी किए

यमुनानगर से अम्बाला छावनी आते समय नगर परिषद सीमा पर बनाया जाएगा स्वागतद्वार : कैबिनेट मंत्री अनिल विज

स्वागतद्वार का बेहतरीन डिजाइन तैयार करे अधिकारी, राशि कम पड़ी तो और दी जाएगी : मंत्री अनिल विज


अम्बाला/चंडीगढ़, 24 मार्च - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने अम्बाला-साहा रोड (एनएच 444-ए) पर यमुनानगर से अम्बाला छावनी आते समय, अम्बाला छावनी नगर परिषद सीमा पर सुंदर स्वागतद्वार बनाने के लिए 34 लाख रुपए जारी किए हैं।

श्री विज ने नगर परिषद को यह राशि अपने स्वैच्छिक कोष से जारी की है ताकि जल्द भव्य एवं सुंदर स्वागतद्वार का निर्माण किया जा सके।

ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज ने नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वागतद्वार का बेहतर डिजाइन तैयार किया जाए और डिजाइन तैयार करने के लिए एजेंसी हॉयर की जाए। स्वागतद्वार निर्माण के लिए भविष्य में यदि राशि कम पड़ेगी तो और भी राशि जारी कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज के प्रयासों से जीटी रोड से अम्बाला छावनी में प्रवेश करते ही स्टाफ रोड पर बेहतरीन धनुष आकार के स्वागतद्वार का निर्माण पहले ही किया जा चुका है। इस स्वागतद्वार की शोभा रात्रि में लगी लाइटों से और बढ़ जाती है तथा यह क्षेत्र लोगों के लिए सेल्फी प्वाइंट बन चुका है।

शिवाजी महाराज की प्रतिमा सदर बाजार चौक पर फव्वारे वाले स्थान पर लगेगी : कैबिनेट मंत्री अनिल विज

ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने के लिए गत दिनों अपने स्वैच्छिक कोष से 50 लाख रुपए जारी किए थे। अब इस प्रतिमा को स्थापित करने के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। श्री विज ने बताया कि शिवाजी महाराज की प्रतिमा सदर बाजार चौक के पास फव्वारे वाले स्थान पर लगेगी। यह स्थान शिवाजी महाराज की प्रतिमा लगाने के लिए उपयुक्त है। प्रतिमा बेहद आकर्षक होगी जिसमें “शिवाजी महाराज को हाथ में भाला थाम घोड़े पर सवार दर्शाया जाएगा”।

गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने गत दिनों ही नगर परिषद को शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने के दिशा-निर्देश दिए थे। यह प्रतिमा अम्बाला छावनी में वीरता का एकता का संदेश देगी।

---------------------------

Previous

कौशल कमी के मुद्दों को उद्योग-अकादमिक-सरकार साझेदारी और प्रशिक्षुता-सन्निहित पाठ्यक्रम के माध्यम से हल करने की आवश्यकता है: जयंत चौधरी

Next

भूटान के चुनाव अधिकारियों का चुनाव प्रशासन पर दो सप्ताह का आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम