29/03/25

भूतपूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के अवसर

आरएस अनेजा, 29 मार्च नई दिल्ली

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने वर्तमान नियमों के अनुसार देश में भूतपूर्व सैनिकों के लिए पर्याप्त पेंशन और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए हैं।

वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना का उद्देश्य समान सेवा अवधि के साथ समान रैंक पर सेवानिवृत्त होने वाले वर्तमान और पूर्व पेंशनभोगियों की पेंशन दरों के बीच के अंतर को कम करना है।

भूतपूर्व सैनिकों को रोजगार के लिए उनकी मांग के आधार पर सरकारी संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, कॉर्पोरेट घरानों, निजी क्षेत्र, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों आदि में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न पुनर्वास/कौशल विकास प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, रोजगार और स्वरोजगार योजनाएं भी शुरू की जा रही हैं।

केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए ग्रुप 'सी' में 14.5 प्रतिशत  रिक्तियां और ग्रुप 'डी' में 24.5 प्रतिशत रिक्तियां आरक्षित हैं।

केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण में विकलांग भूतपूर्व सैनिकों और युद्ध में शहीद हुए सैन्यकर्मियों के आश्रितों के लिए 4.5 प्रतिशत रिक्तियां शामिल हैं।

भारतीय सेना के अधिकारी चयन में भूतपूर्व सैनिकों की विधवाओं और युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के बच्चों/आश्रितों के लिए रिक्तियां आरक्षित हैं। महिलाओं के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन में 5 प्रतिशत रिक्तियां उन रक्षा कर्मियों की विधवाओं को प्रदान की जाती हैं, जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई है। विधवाओं/भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों को संबंधित रेजिमेंटल केंद्रों द्वारा नामांकित किया जा रहा है और उन्हें अग्निपथ योजना और नियमित कैडर के अंतर्गत भर्ती के लिए ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस परीक्षा में बोनस अंक दिए जाते हैं।

31 दिसंबर 2023 तक भूतपूर्व सैनिकों की आंकड़ा

राज्य/केन्द्र शासित क्षेत्र कुल

1. आंध्र प्रदेश 77,912

2. अरुणाचल प्रदेश 986

3.असम 41,962

4. बिहार 133,526

5. छत्तीसगढ 7,491

6. गोवा 2,345

7. गुजरात 33,475

8. हरियाणा 175,637

9. हिमाचल प्रदेश 128,576

10. झारखंड 30,093

11 कर्नाटक 94,003

12. केरल 181,536

13. मध्य प्रदेश 57,028

14. महाराष्ट्र 196,487

15. मणिपुर 8,744

16. मेघालय 2,972

17. मिजोरम 5,506

18. नगालैंड 3,290

19. ओडिशा 52,337

20. पंजाब 359,464

21. राजस्थान 209,523

22. सिक्किम 1,075

23. तमिलनाडु 120,523

24. तेलंगाना 28,200

25. त्रिपुरा 2,528

26. उत्तर प्रदेश 421,145

27. उत्तराखंड 139,361

28. पश्चिम बंगाल 104,193

29. अंडमान एवं निकोबार (यूटी) 1,081

30. चंडीगढ़ (यूटी) 9,160

31. दिल्ली(यूटी) 63,345

32. जम्मू-कश्मीर (यूटी) 76,624

33. लेह और लद्दाख (यूटी) 6,354

34. पुदुचेरी (यूटी) 2,469

 कुल 2,778,951

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