27/05/26

रतिया में मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहे नशा कारोबार का भंडाफोड़: पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की रेड, 280 नशीली गोलियां व कैप्सूल बरामद

फतेहाबाद, 27 मई (अन्‍नू): फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र में मेडिकल स्टोर की आड़ में युवाओं को प्रतिबंधित नशीली दवाइयां बेचने वाले रैकेट के खिलाफ थाना शहर रतिया पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गांव मुंशीवाला बस स्टैंड पर स्थित 'कृष्णा मेडिकल हॉल' पर औचक छापेमारी (रेड) कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए हैं। मौके से पुलिस ने सुखलमपुर निवासी हरबंत (पुत्र नंदराम) को नशीली दवाइयों की खेप के साथ रंगे हाथों काबू किया है।

महिला निरीक्षक पुष्पा की टीम कई दिनों से रख रही थी पैनी नजर

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए थाना शहर रतिया की प्रभारी महिला निरीक्षक (एसएचओ) पुष्पा ने बताया कि पुलिस को पिछले काफी समय से विश्वसनीय सूत्रों से शिकायतें मिल रही थीं कि मुंशीवाला बस स्टैंड स्थित उक्त मेडिकल स्टोर पर चोरी-छिपे नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित दवाइयां बेची जा रही हैं।

इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम पिछले कई दिनों से सादे कपड़ों में मेडिकल स्टोर के आसपास की गतिविधियों और वहां आने-जाने वाले संदिग्ध ग्राहकों पर पैनी नजर रखे हुए थी। जब पुलिस को पुख्ता यकीन हो गया कि यहां दवाइयों की आड़ में नशे का ही काला धंधा चल रहा है, तो तुरंत एक्शन प्लान तैयार किया गया।

ड्रग्स कंट्रोलर अधिकारी (DCO) को साथ लेकर मारा छापा; 'सिग्नेचर' व 'डिपेंटा' बरामद

एसएचओ पुष्पा ने स्वास्थ्य विभाग के ड्रग्स कंट्रोलर अधिकारी (DCO) दिनेश राणा को इस विशेष टीम में शामिल किया और कृष्णा मेडिकल हॉल पर संयुक्त रूप से दबिश दी।

  • रंगे हाथों गिरफ्तारी: छापेमारी के दौरान दुकान पर मौजूद सुखलमपुर निवासी हरबंत की जब ड्रग्स विभाग की मौजूदगी में तलाशी ली गई, तो दुकान के भीतर से भारी मात्रा में नशीली दवाइयां बरामद हुईं।

  • बरामदगी का विवरण: आरोपी के कब्जे से 16 पत्ते सिग्नेचर कैप्सूल (Signature Capsules) और 3 पत्ते डिपेंटा गोलियां (Dipenta Tablets) बरामद की गईं। कुल मिलाकर करीब 280 प्रतिबंधित नशीली गोलियां व कैप्सूल सीज किए गए हैं।

मुख्य संचालक धर्मेंद्र पहले से ही काट रहा है जेल की हवा

महिला निरीक्षक पुष्पा ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि इस 'कृष्णा मेडिकल हॉल' का मुख्य संचालक सुखलमपुर निवासी धर्मेंद्र है। धर्मेंद्र कोई सीधा-साधा केमिस्ट नहीं है, बल्कि वह पहले से ही एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक अन्य गंभीर मामले में संलिप्तता के चलते जेल की सलाखों के पीछे बंद है। उसकी अनुपस्थिति में दुकान पर हरबंत बैठकर इस अवैध नशा सप्लाई नेटवर्क को आगे बढ़ा रहा था।

ड्रग्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज; बैकवर्ड लिंक खंगालेगी रतिया पुलिस

मौके पर मौजूद डीसीओ दिनेश राणा ने बरामद की गई सभी प्रतिबंधित और नशीली दवाइयों को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरोपी के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट (Drugs and Cosmetics Act) तथा पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

पुलिस अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि जेल में बंद धर्मेंद्र और मौके से पकड़े गए हरबंत के पास इन प्रतिबंधित नशीली दवाइयों के थोक सप्लायर कौन हैं और रतिया व आसपास के गांवों में वे किन-किन युवाओं या छोटे तस्करों को यह नशा सप्लाई करते थे।

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