गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया नेटवर्क पर दिल्ली पुलिस का बड़ा प्रहार: अलीपुर रंगदारी व फायरिंग मामले में मुख्य गुर्गा 'डागू महाराज' साथी समेत गिरफ्तार

नई दिल्ली, 1 जुलाई (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NR-II यूनिट) ने संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, पुलिस टीम ने अलीपुर थाना क्षेत्र में एक विवादित जमीन पर कब्जे के दौरान हुई सनसनीखेज फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले का पर्दाफाश करते हुए कुख्यात गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया गैंग के एक सक्रिय और मुख्य गुर्गे को उसके साथी समेत गिरफ्तार कर लिया है।

क्राइम ब्रांच की टीम ने जाल बिछाकर नरेला इलाके से दोनों आरोपियों को अवैध हथियारों और एक लग्जरी गाड़ी के साथ दबोचा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  1. संदीप उर्फ डागू महाराज (40): पुत्र सुरेश, निवासी जिला सोनीपत, हरियाणा। (टिल्लू ताजपुरिया गैंग का सक्रिय सदस्य)

  2. दीपक (32): पुत्र रतन सिंह, निवासी जिला सोनीपत, हरियाणा।

क्या था पूरा मामला और रंगदारी का विवाद?

दिल्ली पुलिस की प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह पूरा मामला बीते साल 30 अक्टूबर 2025 का है। दिल्ली के रमजानपुर गांव में स्थित एक विवादित प्लॉट पर अवैध रूप से जबरन कब्जा करने की नीयत से करीब 30 से 45 हथियारबंद बदमाश इकट्ठा हुए थे।

  • 12 राउंड अंधाधुंध फायरिंग: कब्जा करने के दौरान इन हमलावरों ने इलाके में दहशत फैलाने के लिए करीब 12 राउंड अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं।

  • लाठी-डंडों से हमला: बदमाशों ने प्लॉट का ताला तोड़ने की कोशिश की और वहां मौजूद कई लोगों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया था। इस संबंध में अलीपुर थाने में बीएनएस (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर नंबर 589/2025 दर्ज की गई थी।

क्राइम ब्रांच ने नरेला रोड पर बिछाया जाल; ऐसे हुए गिरफ्तार

इस सनसनीखेज वारदात के बाद क्राइम ब्रांच के एसीपी गिरीश कौशिक की देखरेख और इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें एसआई सतेंद्र दहिया, योगेश दहिया और हेड कांस्टेबल प्रदीप तोमर सहित अन्य जांबाज शामिल थे।

जांच के दौरान हेड कांस्टेबल प्रदीप तोमर को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि अलीपुर फायरिंग केस में वांछित मुख्य आरोपी संदीप उर्फ डागू महाराज अपने एक साथी के साथ ब्लैक कलर की स्कॉर्पियो-एन (Scorpio-N) गाड़ी में सवार होकर किसी वारदात को अंजाम देने नरेला इलाके में आने वाला है। इस सूचना पर टीम ने नरेला यूईआर-II रोड और अलीपुर-नरेला रोड को जोड़ने वाली सड़क के पास रणनीतिक रूप से घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध गाड़ी वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा कर दोनों को दबोच लिया।

पुलिस टीम द्वारा की गई बरामदगी:

  • संदीप उर्फ डागू महाराज से: 1 अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस।

  • आरोपी दीपक से: 4 अतिरिक्त जिंदा कारतूस।

  • गाड़ी जब्त: वारदात और आवाजाही में इस्तेमाल की जा रही ब्लैक स्कॉर्पियो-एन एसयूवी (रजिस्ट्रेशन नंबर: HR10AW5*)।

इस बरामदगी के संबंध में क्राइम ब्रांच थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एक नया मुकदमा (FIR No. 174/2026) दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी गई है।

सोनीपत जेल में आया था टिल्लू ताजपुरिया के संपर्क में

पुलिस पूछताछ में आरोपी संदीप उर्फ डागू महाराज ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह केवल 7वीं कक्षा तक पढ़ा है और शुरुआत में अपने चाचा की राशन की दुकान पर काम करता था। साल 2011 में मोबाइल स्नैचिंग के एक मामले में पहली बार गिरफ्तार होने के बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद वह हत्या और हत्या के प्रयास जैसे कई संगीन मामलों में शामिल हो गया और साल 2016 से नवंबर 2022 तक जेल में बंद रहा।

इंटरनेशनल व्हाट्सएप नंबर से ऑपरेट होता था नेटवर्क: सोनीपत जेल में सजा काटने के दौरान वह कुख्यात गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया के संपर्क में आया। टिल्लू ने उसे आर्थिक लाभ और गैंग में बड़ा रसूख देने का लालच देकर अपने साथ मिला लिया। जेल से रिहा होने से पहले टिल्लू ने उसे एक इंटरनेशनल व्हाट्सएप नंबर दिया था। नवंबर 2022 में जेल से बाहर आने के बाद संदीप लगातार उसी नंबर के जरिए टिल्लू के संपर्क में था। फरवरी 2023 में टिल्लू के गुर्गों ने उसे सिंघु बॉर्डर के पास एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 10 कारतूस सौंपे थे।

संदीप ने कुबूल किया कि अक्टूबर 2025 में गैंग के ही एक अन्य सदस्य दीपक बालियान ने उसे और उसके भाई शांतनु को बख्तावरपुर बुलाया था और रमजानपुर वाले प्लॉट पर जबरन कब्जे के लिए हथियार के साथ पहुंचने का टास्क दिया था, जिसके बाद उन्होंने वहां पहुंचकर फायरिंग की थी।

आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास:

दिल्ली पुलिस के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपी बेहद शातिर और आदतन अपराधी हैं, जिन पर पहले से कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं:

संदीप उर्फ डागू महाराज के खिलाफ दर्ज मामले:

  1. वर्ष 2011: चोरी व झपटमारी (थाना नरेला, दिल्ली)

  2. वर्ष 2016: हत्या व हत्या का प्रयास (थाना कुंडली, सोनीपत)

  3. वर्ष 2017: हत्या व आर्म्स एक्ट (थाना कुंडली, सोनीपत)

  4. वर्ष 2018: हत्या का प्रयास (थाना कुंडली, सोनीपत)

  5. वर्ष 2023: हत्या का प्रयास व धोखाधड़ी (थाना मुरथल, सोनीपत)

  6. वर्ष 2025: रमजानपुर जमीन विवाद फायरिंग (थाना अलीपुर, दिल्ली)

आरोपी दीपक के खिलाफ दर्ज मामले:

  1. वर्ष 2018: हत्या व चोरी (थाना बड़ौदा, सोनीपत)

  2. वर्ष 2018: मारपीट व रास्ता रोकना (थाना जींद सिटी, हरियाणा)

  3. वर्ष 2023: आर्म्स एक्ट (थाना बड़ौदा, सोनीपत)

  4. वर्ष 2024: एनडीपीएस एक्ट - ड्रग्स तस्करी (थाना सोनीपत सिटी)

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