03/08/26

उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूत रक्षा प्रणाली में सैन्य व नागरिक सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है: रक्षा मंत्री

आरएस अनेजा, 4 अगस्त नई दिल्ली - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा मंत्रालय के सैन्य और नागरिक घटकों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया है।

उन्होंने यह बात ऐसे समय में कही है जब रक्षा बल नए उत्साह के साथ बेहतर समन्वय की दिशा में अग्रसर हो रहे हैं। रक्षा मंत्री की इस अपील का उद्देश्य सुरक्षा और तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए रक्षा तंत्र में अधिक तालमेल स्थापित करना, संस्थागत स्मृति, स्थिरता और नियमों के प्रभावी अनुप्रयोग को सुनिश्चित करना है।

नई दिल्ली में आयोजित 85वें सशस्त्र सेना मुख्यालय (एएफएचक्यू) सिविलियन सेवा दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सैन्य और नागरिक सेवाएं दोनों ही 'राष्ट्र सर्वोपरि' के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध हैं और जब उद्देश्य एक ही होता है तो व्यवस्था का प्रत्येक तत्व राष्ट्रीय शक्ति में परिवर्तित हो जाता है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सैन्य और प्रशासनिक सहयोग अलग-अलग रास्तों पर नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि संयुक्त और एकीकृत संरचनाओं के विकास के साथ-साथ नीति, प्रशासन, मानव संसाधन प्रबंधन, वित्तीय प्रक्रियाओं, रसद और संस्थागत ज्ञान सहित सभी क्षेत्रों में निरंतरता और विशेषज्ञता की आवश्यकता होगी। उन्होंने नागरिक और सैन्य अधिकारियों के बीच आपसी संपर्क को और बढ़ाने के महत्व पर बल दिया और दोनों पक्षों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा विकासात्मक कार्य सौंपे जाने का सुझाव दिया ताकि वे एक-दूसरे के अनुभवों से सीख सकें।

राजनाथ सिंह ने कहा कि सैन्य अधिकारी परिचालन अनुभव, कमान का दृष्टिकोण और युद्ध की समझ लाते हैं, जबकि नागरिक अधिकारी प्रशासनिक निरंतरता, नीतिगत अनुभव, सरकारी प्रक्रियाओं की समझ और संस्थागत स्मृति के माध्यम से योगदान देते हैं। जब ये शक्तियां आपस में मिलती हैं, तो निर्णय लेना अधिक संतुलित और प्रभावी हो जाता है।

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