भारत-श्रीलंका रक्षा साझेदारी का ऐतिहासिक पल: 38 वर्षों में पहली बार भारत के रक्षा मंत्री श्रीलंका पहुंचे, समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण पर जोर
आरएस अनेजा, 10 सितंबर नई दिल्ली - भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर कोलंबो में हैं। पिछले 38 वर्षों में किसी भारतीय रक्षा मंत्री का यह पहला श्रीलंका दौरा है, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय और रक्षा संबंधों के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर व्यापक समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने भारतीय शांति सेना (IPKF) के शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
इस दौरे का मुख्य एजेंडा हिंद महासागर क्षेत्र में खोज और बचाव अभियान, मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई और समुद्री डकैती रोधी अभियानों में मिलकर काम करना है।
राजनाथ सिंह की यात्रा के साथ ही भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक स्वदेशी युद्धपोत INS उदयगिरि (INS Udaygiri) भी कोलंबो बंदरगाह पहुंचा। इस युद्धपोत पर श्रीलंकाई नौसेना के कर्मियों को प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की जानकारी दी जाएगी।
श्रीलंकाई सशस्त्र बलों की क्षमता को आधुनिक बनाने के लिए भारत वहां एक एआई (AI) प्रयोगशाला की स्थापना के लिए मिलकर काम करेगा।
रक्षा मंत्री ने श्रीलंका को भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (Neighbourhood First) और 'महासागर' (MAHASAGAR) पहल का एक अत्यंत महत्वपूर्ण भागीदार बताया और कहा कि संकट के समय भारत हमेशा श्रीलंका के साथ एक परिवार की तरह खड़ा रहेगा
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