26/09/25

पराली प्रबधंन पर डीसी ने की सम्बधिंत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक

जे कुमार, अम्बाला 26 सितम्बर - उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने कहा कि पराली प्रबधंन के तहत विभाग द्वारा कृषि यंत्र उपलब्ध करवाएं जा रहे हैं, वहंी साथ ही साथ पराली का कृषि यंत्रों के माध्यम से सही तरीके से खेतों में ही निस्तारण करने पर प्रति एकड़ 1200 रूपए की राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। किसान पराली न जलाएं बल्कि कृषि यंत्रों का उपयोग करके पराली का निस्तारण करें। उपायुक्त पराली प्रबधंन विषय को लेकर आज अपने कार्यालय में सम्बधिंत विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक ले रहें थे।

इससे पहले दिल्ली से वायु गुणवत्ता प्रबधंन आयोग के चेयरपर्सन ने उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षको व अन्य सम्बधिंत अधिकारियों से पराली प्रबधंन के तहत जो कार्य किए जा रहे है उसकी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।


उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि पराली जलाने की घटनाएं जिले में न हो इसके लिए जिला स्तर, ब्लॉक स्तर व ग्रामीण स्तर पर कमेटियां गठित की हुई हैं। विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पराली जलने से होने वाले दुष्प्रभाव बारे भी जागरूक करने का काम किया जा रहा हैं। इसके साथ-साथ स्कूलों में भी गतिविधियां करवाकर पराली प्रबधंन को लेकर जागरूक किया जा रहा हैं।

उन्होनें बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा पराली प्रबधंन के तहत कृषि यंत्रों पर सब्सिडी उपलब्ध करवाकर किसानों को दिए जा रहे हैं। उन्होनें बताया कि विभाग के पास 1495 सुपर सीडर व 70 के करीब बेलर उपलब्ध हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग अम्बाला शहर में स्थापित कमरा नम्बर 17 को कन्ट्रोल रूम बताया गया है, जिसका दूरभाष नम्बर 0171-2530517 हैं व नोडल अधिकारी का मोबाईल नम्बर 9416673733 है। इस नम्बर पर किसी भी कार्य दिवस पर कृषि यंत्रों से सम्बधिंत जानकारी ली जा सकती हैं। इसके अलावा यदि कहीं पर पराली जलने की घटना होती है तो उसकी सूचना भी दी जा सकती हैं।


उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने यह भी बताया कि पराली न जले इसको लेकर भारतीय सुरक्षा संहिता की धारा के तहत आदेश भी जारी किए गए हैं। यदि कोई किसान पराली जलाता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर के साथ-साथ जुर्माने का भी प्रावधान हैं। इतना ही नहीं यदि कोई पंजीकृत किसान है और वह इस मामले में संलिप्त पाया जाता है तो उसका पंजीकरण निरस्त करते हुए आगामी दो वर्षो तक मंडियों मे उसकी फसल की सरकारी खरीदी नहीं की जाएगी।

इसके साथ-साथ कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जो योजनाएं क्रियान्व्ति है उससे भी वह वंचित रहेगा। उन्होनें यह भी बताया कि किसान कै डिट कार्ड को भी निरस्त करने के लिए भी लिखा जाएगा। इसके साथ-साथ ई-क्षति पूर्ति पोर्टल पर जिस पंजीकृत किसान का मुआवजा है तो वह भी निरस्त कर दिया जाएगा।


उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने सभी किसानों से आग्रह किया है कि वह कृषि यंत्रों के माध्यम से ही पराली का प्रबधंन करें। विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में कृषि यंत्र उपलब्ध है। उन्होनें यह भी कहा कि जिला प्रशासन यह नहीं चाहता कि कोई भी पंजीकृत किसान सरकारी योजनाओं से वंचित रहें।

उन्होनें यह भी बताया कि पराली जलने से जहां वातावरण प्रदूषित होता है वहीं मानव जीवन पर भी इसका दूष्प्रभाव पड़ता हैं। खेतों में फसलों के अवशेष जलने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी कम होती है तथा जो मित्र कीट होते है वह भी नष्ट हो जाते हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी किसान पराली जलाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


बॉक्स:- उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने दिल्ली से आयोजित वीसी के माध्यम से वायु गुणवत्ता प्रबधंन आयोग के चेयरपर्सन को बताया कि जिला अम्बाला में पराली जलाने की घटनाएं नहीं होने दी जाएगी। उन्होनें बताया कि पराली प्रबधंन के तहत किसानों को जागरूक करने का किया गया है, साथ ही जिला प्रशासन द्वारा टीमें गठित की गई है जो कि फिल्ड में रहकर हर गतिविधि पर नजर रखकर कार्य करेगी। उन्होनें यह भी कहा कि वीसी में जो दिशा-निर्देश मिले है उसकी अनुपालना के तहत आगामी सभी कार्यो को किया जाएगा।


इस मौके पर एसडीएम दर्शन कुमार, एसडीएम सतिन्द्र सिवाच, एसडीएम शिवजीत भारती, उपनिदेशक कृषि विभाग डॉ जसविन्द्र सैनी, डीडीपीओ दिनेश शर्मा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से क्षेत्रीय प्रबधंक अजय सिंह, डीएमईयू डॉ राजीव, सहायक कृषि अभियन्ता, डीआईओ परमजीत कौर के साथ-साथ सम्बध्ंिात अधिकारीगण मौजूद रहें।

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