राजस्थान की बेटियां हर क्षेत्र में बना रही अपनी विशिष्ट पहचान
एन.एस.बाछल, 16 अप्रैल, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णायक कदम है। इस अधिनियम के माध्यम से आधी आबादी अब निर्णय लेने की मुख्य भूमिका भी निभाएगी। इससे महिलाएं योजना एवं बजट बनाने सहित देश के हर अहम निर्णय में शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि बेटियों का दृढ़ आत्मविश्वास ही विकसित भारत के सपने को हकीकत में बदलेगा।
भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेशभर की छात्राओं के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब बेटियां आगे बढ़ती हैं, तो परिवार, जिला, प्रदेश और राष्ट्र प्रगति के पथ पर अग्रसर होता है। नेतृत्व में नारी शक्ति की भागीदारी बढ़े, इसके लिए यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाए हैं। इस अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी हैं और नारी शक्ति वंदन अधिनियम उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। छात्राएं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही समाज और प्रदेश के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाएं शासन और अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में अपनी नेतृत्व क्षमता को साबित कर रही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दृढ़ आत्मविश्वास के जरिए पूरे देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्होंने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रदेश की वित्त मंत्री दिया कुमारी के कार्यों को महिला शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार महिलाओं की सुरक्षा और समृद्धि के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजना के माध्यम से बालिका लिंगानुपात में बढ़ोतरी हुई है। उज्ज्वला, जन-धन और मुद्रा जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई है।
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार
भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में लाडो प्रोत्साहन योजना राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपये किया गया है। मातृ वंदना योजना में गर्भवती महिलाओं के लिए सहायता राशि को बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये किया गया है। मा वाउचर योजना के माध्यम से महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा मिली है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुंच रही है। लखपति दीदी ऋण योजना की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपये किया गया है। प्रदेश में 16 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला अपराधों में कमी दर्ज की गई है। प्रदेश में 600 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड प्रभावी ढंग से कार्य कर रही हैं।
युवाओं के रोजगार का मार्ग हो रहा प्रशस्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मंशा है कि युवा रोजगार प्राप्त करने के साथ रोजगार प्रदाता भी बनें। इसी क्रम में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को सरकारी क्षेत्र में 4 लाख एवं निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार देने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है। अब तक 1 लाख 25 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं तथा 1 लाख 25 हजार नई सरकारी नौकरियों की भर्तियों का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में पेपरलीक से युवाओं के सपने टूटे, लेकिन हमारी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।
कार्यक्रम में छात्राओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही कल्याणकारी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान संबंधित विभाग के उच्चाधिकारी मौजूद रहे और प्रदेश के विभिन्न जिलों की स्कूलों व कॉलेजों की छात्राएं वीसी के माध्यम से जुड़ी।
महिलाओं के हौसले को किया सलाम
मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से जुड़ी मेडिकल, इंजीनियरिंग, डेटा साइंस सहित विभिन्न शिक्षण क्षेत्रों की छात्राओं से संवाद कर उनके कार्यक्षेत्र के अनुभवों और महिला सशक्तीकरण के सुझावों को सुना। श्री शर्मा ने पचपदरा में केमिकल इंजीनियर श्रेया के चुनौतीपूर्ण कार्यक्षेत्र के चयन की सराहना करते हुए उनकी हौसला अफजाई की। वहीं, ऑस्ट्रेलिया में डेटा साइंस की छात्रा तारुषी ने मुख्यमंत्री को स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता के लिए धन्यवाद दिया। मेयो गर्ल्स कॉलेज की छात्रा नव्या ने कहा कि इस अधिनियम ने महिलाओं को नीति निर्माण में सशक्त भागीदारी का मौका दिया है।
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