महत्वपूर्ण अपडेट: 1 अक्टूबर से एलपीजी रिफिल बुकिंग के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य – जानें पूरी प्रक्रिया
आरएस अनेजा, 20 सितंबर नई दिल्ली - 1 अक्टूबर 2026 से घरेलू एलपीजी उपभेक्ताओं को सब्सिडी के साथ विनियमित खुदरा बिक्री मूल्य (आरएसपी) पर रिफिल बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (BAA) पूरा करवाना होगा।
बीएए से यह सुनिश्चित होता है कि सब्सिडी वाली एलपीजी केवल वास्तविक और योग्य परिवारों तक पहुंचे। प्रत्येक कनेक्शन को आधार-प्रमाणित उपभोक्ता से जोड़ने से सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों का वाणिज्यिक और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए डायवर्जन रोकने में मदद मिलती है, डुप्लीकेट और अयोग्य कनेक्शन हटते हैं और सब्सिडी पहुंचाने का तरीका पारदर्शी तथा सही लोगों तक पहुंचने वाला बनता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी भी वास्तविक परिवार को एलपीजी से वंचित करना नहीं है और प्रत्येक योग्य उपभोक्ता इसे कई आसान तरीकों से पूरा कर सकते हैं।
1 अक्टूबर 2026 से क्या बदलाव होंगे
• जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही बीएए पूरा कर लिया है, उन्हें इसे दोबारा करने की ज़रूरत नहीं है। उनको रिफिल पहले की तरह ही मिलते रहेंगे।
• जिन उपभोक्ताओं ने बीएए पूरा नहीं किया है, उनके लिए प्रमाणीकरण पूरा होने के बाद सब्सिडी के साथ आरएसपी पर रिफिल बुकिंग शुरू हो जाएगी।
बीएए कैसे पूरा करें
• रिफिल डिलीवरी के दौरान: डिलीवरी करने वाला व्यक्ति ओएमसी मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करके मौके पर ही प्रमाणीकरण पूरा कर सकता है।
• वितरक की दुकान पर: उपभोक्ता अपने एलपीजी वितरक के पास जाकर वहां प्रमाणीकरण पूरा कर सकते हैं।
• ओएमसी मोबाइल ऐप पर: उपभोक्ता घर बैठे स्वयं यह प्रक्रिया पूरा कर सकते हैं, इसके लिए इस्तेमाल करें:
o इंडेन उपभोक्ताओं के लिए इंडेनऑइलवन
o भारत गैस उपभोक्ताओं के लिए हेलोबीपीसीएल
o एचपी गैस उपभोक्ताओं के लिए एचपी पे
स्वयं ई-केवाईसी पूरा करने के बारे में वीडियो ट्यूटोरियल पीएमयूवाई पोर्टल पर उपलब्ध है।
जो उपभोक्ता बीएए पूरा नहीं करना चाहते, उनके लिए विकल्प
जो उपभोक्ता बीएए पूरा करने के इच्छुक या सक्षम नहीं हैं, वे भी एलपीजी ले सकते हैं। उन्हें अपनी ओएमसी के डिजिटल चैनलों - जैसे कंज्यूमर वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, वॉट्सएप चैटबॉट, आईवीआरएस या अन्य उपलब्ध चैनलों - पर इस विकल्प को रजिस्टर करना होगा।
इन उपभोक्ताओं को ओएमसी के पास स्थानीय उपलब्धता के आधार पर, बिना किसी सब्सिडी के, लागू बाजार मूल्य पर 5 किलो या 10 किलो के सिलेंडर में एलपीजी की आपूर्ति की जाएगी।
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