नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने दिल्ली हवाई अड्डे की हवाई पट्टी(रनवे) के पुनरुथान का जायजा लिया
आरएस अनेजा, 22 अप्रैल नई दिल्ली
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने आज दिल्ली हवाई अड्डे पर हवाई पट्टी 10/28 पर किए जा रहे कार्य और अप्रत्याशित पश्चिमी हवा के प्रभाव से परिचालन में उत्पन्न चुनौतियों के संबंध में हितधारकों की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक के दौरान राम मोहन नायडू ने मौजूदा स्थिति की समीक्षा की तथा यात्रियों और एयरलाइन संचालन में कम से कम व्यवधान सुनिश्चित करने के महत्व पर बल दिया। राम मोहन नायडू ने कहा कि दिल्ली हवाई अड्डे पर सुचारू संचालन सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हितधारकों को चुनौतियों का प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मिलकर काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने व्यापक योजना की आवश्यकता पर जोर दिया जिसमें हवाई पट्टी के पुनरुत्थान और संभावित मौसम संबंधी रूकावटों दोनों को ध्यान में रखा गया है।
राम मोहन नायडू ने यात्रियों की सुविधा और आराम को सर्वोच्च प्राथमिकता की बात को दोहराते हुए सभी हितधारकों को मौसम संबंधी जानकारी के आधार पर समय से पहले उपाय करने तथा उपलब्ध संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
कार्यबल की तैयारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने हितधारकों के बीच समन्वय बढ़ाने का आह्वान किया ताकि किसी भी अप्रत्याशित चुनौतियों के लिए तैयार रहा जा सके ताकि 4 हवाई पट्टियों में से 1 हवाई पट्टी पर कार्य के बावजूद हवाई अड्डे का संचालन निर्बाध रुप से सुनिश्चित किया जा सके। हवाई यातायात नियंत्रक (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) (एटीसी) और एएआई टीमों को इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान परिचालन कुशलता बनाए रखने के लिए अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
राम मोहन नायडू ने सामूहिक क्षमताओं पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि सामूहिक प्रयासों और मजबूत समन्वय के साथ दिल्ली हवाई अड्डा बुनियादी ढांचे में वृद्धि और अप्रत्याशित मौसम की स्थिति से उत्पन्न चुनौतियों के बीच भी अपने यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव प्रदान करना जारी रखेगा।
बैठक में हवाई पट्टी के पुनरुत्थान कार्य के दौरान यात्रियों को होने वाली किसी भी असुविधा को कम करने के लिए पारदर्शी और समय पर संवाद के महत्व पर केंद्रित थी । चर्चा का समापन हवाई पट्टी के पुनरुत्थान को समयसीमा के अंदर पूरा करने, उड़ानों में आने वाले व्यवधान और यात्रियों की असुविधा को कम किए जाने पर जोर देने के साथ हुआ।
मंत्रालय यात्री सुविधा और परिचालन कुशलता को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत का विमानन क्षेत्र उत्कृष्टता का मानक बना रहे।
***