05/02/26

चंडीगढ़ में बनेगा शहर का पहला सरकारी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, सर्टिफिकेट धारकों को DL के लिए नहीं देना होगा टेस्ट

चंडीगढ़, 05 फ़रवरी (अन्‍नू): चंडीगढ़ प्रशासन शहर के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रायपुर कलां में 'रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर' (RDTC) की स्थापना करने जा रहा है। लगभग चार एकड़ में फैला यह केंद्र चंडीगढ़ का पहला पूर्णतः सरकारी ड्राइविंग स्कूल होगा। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को एक आधिकारिक प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इस सर्टिफिकेट की मदद से जब आवेदक पक्का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने के लिए रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (RLA) जाएंगे, तो उन्हें वहां दोबारा ड्राइविंग टेस्ट देने की आवश्यकता नहीं होगी।



वर्तमान में चंडीगढ़ में केवल निजी संस्थानों द्वारा ही ड्राइविंग ट्रेनिंग दी जा रही है, लेकिन अब सरकारी स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए चंडीगढ़ परिवहन विभाग ने टाटा और महिंद्रा जैसी दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियों को 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' (EOI) जारी किया है। जो भी कंपनी इस सेंटर का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और इसके संचालन में रुचि रखती है, वह 27 फरवरी तक अपना आवेदन स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सचिव को सौंप सकती है। चयनित कंपनी ही इस पूरे प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तैयार करेगी।



स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सचिव अमित कुमार के अनुसार, इस सेंटर में केवल नए ड्राइवरों को ही तैयार नहीं किया जाएगा, बल्कि पहले से वाहन चला रहे लोगों और प्रशिक्षकों को भी आधुनिक वाहन तकनीकों और सड़क सुरक्षा के कड़े मानकों की जानकारी दी जाएगी। सेंटर में लाइट मोटर व्हीकल (LMV) और हेवी मोटर व्हीकल (HMV) दोनों श्रेणियों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। इसका मुख्य लक्ष्य कुशल चालक तैयार करना है ताकि शहर में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। यहाँ मालवाहक वाहनों के चालकों के लिए भी विशेष ट्रेनिंग की व्यवस्था होगी।


प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक व्यापक पाठ्यक्रम निर्धारित किया है। यहाँ नामांकित प्रशिक्षुओं को कम से कम 29 घंटे का अनिवार्य कोर्स पूरा करना होगा। इसमें 8 घंटे की थ्योरी क्लास होगी जिसमें ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जाएगी, जबकि 21 घंटे का समय व्यावहारिक ड्राइविंग स्किल्स (प्रैक्टिकल) को निखारने के लिए तय किया गया है। इसके अलावा, चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती होने वाले ड्राइवरों को भी भविष्य में इसी संस्थान से अनिवार्य ट्रेनिंग लेनी होगी।



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