07/04/26

चंडीगढ़ मर्डर केस: 3 साल बाद मुकुल को मिला इंसाफ, नाबालिग दोषी को उम्रकैद

चंडीगढ़, 7 अप्रैल (अन्‍नू): चंडीगढ़ जिला अदालत ने सेक्टर-25 में हुए एक जघन्य हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए एक नाबालिग दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वारदात के समय दोषी की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच थी, लेकिन अपराध की क्रूरता को देखते हुए कोर्ट ने उसे बालिग मानकर केस चलाने का आदेश दिया था। अदालत ने 1 अप्रैल 2026 को उसे दोषी करार दिया था, जिसके बाद अब सजा का ऐलान किया गया है।



गली में घेरकर चाकू से किया था हमला


यह खौफनाक वारदात 24 नवंबर 2023 की है। शिकायत के मुताबिक, मृतक मुकुल अपने घर के पास गली में खड़ा था, तभी आरोपी सन्नी उर्फ अंकुर अपने नाबालिग साथी के साथ वहां पहुंचा। दोनों ने मुकुल को धमकाना शुरू किया और नाबालिग ने चिल्लाकर कहा कि "आज इसे छोड़ना नहीं है।" इसके बाद अंकुर ने मुकुल को पीछे से दबोच लिया और नाबालिग ने उसके पेट में चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।


इलाज के दौरान अस्पताल में तोड़ा दम


हमले के बाद मुकुल को लहूलुहान हालत में सेक्टर-16 के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन घाव गहरे होने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शुरुआत में इसे जानलेवा हमले का मामला माना था, जिसे बाद में हत्या की धारा में बदल दिया गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था।


दोनों आरोपियों को मिल चुकी है उम्रकैद


इस मामले में मुख्य आरोपी सन्नी उर्फ अंकुर को अदालत पहले ही 11 दिसंबर 2025 को उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। अब उसके नाबालिग साथी को भी उसी कठोरता के साथ उम्रकैद की सजा दी गई है। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि जघन्य अपराधों में नाबालिगों को बालिग मानकर सजा सुनाना समाज में एक कड़ा संदेश देगा। 3 साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है।



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