16/04/26

चंडीगढ़ कोर्ट का बड़ा फैसला: सड़क हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को मिलेगा ₹44 लाख का मुआवजा

अभिकान्त, 16 अप्रैल, चंडीगढ़ : चंडीगढ़ जिला अदालत ने अक्टूबर 2022 में हुए एक दुखद सड़क हादसे के मामले में पीड़ित परिवार के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने माना कि यह दुर्घटना पूरी तरह से कार चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही का नतीजा थी। न्यायाधीश ने मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति और निर्भरता को देखते हुए ₹43.88 लाख की मुआवजा राशि तय की है। खास बात यह है कि इस राशि पर घटना की तारीख से भुगतान होने तक 7.5% वार्षिक ब्याज भी देय होगा, जिससे कुल सहायता राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।



सेक्टर-31/32 लाइट प्वाइंट पर हुआ था दर्दनाक हादसा

यह मामला 20 अक्टूबर 2022 का है, जब महेश चंद नामक व्यक्ति अपने एक्टिवा स्कूटर पर सवार होकर घर लौट रहे थे। जैसे ही वह सेक्टर-31/32 के लाइट प्वाइंट के पास पहुंचे, एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार इनोवा कार ने उनके स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर इतनी भयानक थी कि कार महेश चंद को काफी दूर तक घसीटते हुए ले गई। गंभीर रूप से घायल महेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।


साक्ष्यों और गवाहों ने तय की ड्राइवर की संलिप्तता

अदालत में सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान और पुलिस की एफआईआर (FIR) को अहम आधार माना गया। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कार चालक ने न तो सावधानी बरती और न ही टक्कर से पहले हॉर्न बजाया। ड्राइवर की ओर से अदालत में कोई ठोस बचाव पेश नहीं किया जा सका और न ही वह गवाहों के बयानों को चुनौती दे पाया। साक्ष्यों से यह पूरी तरह साबित हो गया कि मृतक की इस दुर्घटना में कोई गलती नहीं थी और वह नियमों का पालन करते हुए वाहन चला रहे थे।



बीमा कंपनी की जिम्मेदारी और मुआवजे का आधार

मुआवजे के भुगतान को लेकर कोर्ट ने बीमा कंपनी को उत्तरदायी ठहराया है। चूंकि हादसे के समय कार का बीमा वैध था और ड्राइवर के पास सही लाइसेंस मौजूद था, इसलिए अदालत ने बीमा कंपनी की उन दलीलों को खारिज कर दिया जिनमें वह जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही थी। कोर्ट ने माना कि महेश चंद अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, और उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी को आधार बनाकर आय और उम्र के हिसाब से राशि निर्धारित की गई।


परिवार के सदस्यों के बीच राशि का बंटवारा

अदालत ने पीड़ित परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मुआवजे की राशि के वितरण का स्पष्ट खाका तैयार किया है। कुल राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा मृतक की पत्नी सजना को दिया जाएगा। वहीं, उनके दो बच्चों, जैश्री और राहुल के भविष्य के लिए 15-15 प्रतिशत हिस्सा तय किया गया है। मृतक के पिता फूल चंद को कुल राशि का 10 प्रतिशत मिलेगा। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि यह पूरी राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाए ताकि उन्हें किसी बिचौलिये का सामना न करना पड़े।




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