चंडीगढ़: चाइनीज डोर में फंसे उल्लू के लिए चला 4.5 घंटे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन, हाइड्रोलिक मशीन से बचाई जान
चंडीगढ़, 24 फरवरी (अन्नू): चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित बापूधाम कॉलोनी में रविवार शाम एक दुर्लभ नजारा देखने को मिला, जब समाधि योग सतगुरु मंडल आश्रम के पास लगे एक ऊंचे सफेदे के पेड़ पर प्रतिबंधित चाइनीज डोर में एक उल्लू फंस गया। लगभग 70 से 80 फीट की ऊंचाई पर फंसे इस पक्षी को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दल को करीब साढ़े चार घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। यह घटना शाम करीब चार बजे की है, लेकिन दो घंटे बाद जब स्थानीय लोगों की नजर पेड़ पर अटके उल्लू पर पड़ी, तब प्रशासन को इसकी सूचना दी गई।
बचाव कार्य की शुरुआत तब हुई जब स्थानीय निवासी शीशपाल ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और दमकल विभाग को इस संकट के बारे में सूचित किया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। शुरुआत में आई दो गाड़ियों की सीढ़ियां पेड़ की अत्यधिक ऊंचाई तक पहुंचने में नाकाम रहीं। स्थिति की गंभीरता और पेड़ की लंबाई को देखते हुए अंततः हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाली तीसरी विशेष गाड़ी को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने बेहद सावधानी के साथ हाइड्रोलिक मशीन की मदद से ऊपर पहुंचकर पतंग की घातक डोर को काटा और उल्लू को सुरक्षित नीचे उतारा।
रात करीब 11 बजे तक चले इस लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके पर लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा, जिसे नियंत्रित करने के लिए सेक्टर-26 थाना पुलिस और पीसीआर की टीमें भी तैनात रहीं। उल्लू को नीचे उतारने के तुरंत बाद वन विभाग की एम्बुलेंस को बुलाया गया, जो उसे उपचार के लिए पशु अस्पताल ले गई। प्राथमिक चिकित्सा और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद इस पक्षी को दोबारा खुले आसमान में छोड़ दिया जाएगा। यह घटना एक बार फिर चाइनीज डोर के खतरों और बेजुबानों के प्रति मानवीय संवेदनाओं को उजागर करती है।
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