03/04/26

सावधान! आपकी सेहत से खिलवाड़ कर रहा था एक्सपायरी फूड का यह बड़ा सिंडिकेट; दिल्ली द्वारका में क्राइम ब्रांच ने किया भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (WR-II यूनिट) ने द्वारका के बामनोली गांव में चल रहे एक बेहद खतरनाक और संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह नामी बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के एक्सपायरी (तारीख निकल चुके) कोल्ड ड्रिंक्स और खाद्य पदार्थों को इकट्ठा कर, उनकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट बदलकर दोबारा बाजार में सप्लाई कर रहा था।


पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नामी ब्रांड्स के पेय पदार्थ और तारीख बदलने वाली अत्याधुनिक मशीनें जब्त की हैं। इस मामले में मुख्य सरगना सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


छापेमारी और रिकवरी: हजारों की संख्या में मिले एक्सपायरी कैन
एसीपी भगवती प्रसाद और इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने द्वारका सेक्टर-28 स्थित एक गोदाम पर छापा मारा। जांच के दौरान वहां भारी मात्रा में फर्जीवाड़े के साथ रखे गए उत्पाद मिले:


थम्स अप (Thums Up): 25 बॉक्स (600 कैन)
स्प्राइट (Sprite): 35 बॉक्स (840 कैन)
लिम्का (Limca): 20 बॉक्स (480 कैन)
कोका-कोला (Coca-Cola): 35 बॉक्स (1176 कैन)
ब्रांडेड बिस्कुट: भारी मात्रा में पैकेट जिन पर स्टिकर बदले गए थे।
जब्त उपकरण: असली तारीख मिटाने के लिए थिनर केमिकल और फर्जी तारीखें छापने के लिए इस्तेमाल होने वाली डोमिनो प्रिंटिंग मशीन (Ax 350i) भी बरामद की गई है।


काम करने का तरीका (Modus Operandi)
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बाजार से एक्सपायरी या एक्सपायरी के करीब पहुँच चुके सस्ते प्रोडक्ट्स खरीदते थे। इसके बाद:



थिनर की मदद से पुरानी तारीख और बैच नंबर मिटा दिए जाते थे।
प्रिंटिंग मशीन से नई फर्जी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट डाल दी जाती थी।
फिर इन्हें नए कार्टन में पैक कर मुनाफा कमाने के लिए बाजार में और विदेशों में एक्सपोर्ट करने के लिए भेज दिया जाता था।
FSSAI की टीम ने लिए सैंपल
कार्रवाई के दौरान FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। उन्होंने फर्म के लाइसेंस की जांच की और खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (275/318/336/61) के तहत FIR नंबर 67/2026 दर्ज की है।



गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
कमल मुद्गिल (56 वर्ष): निवासी गुरुग्राम, फर्म का मालिक और मुख्य साजिशकर्ता।
शिवम (27 वर्ष): निवासी द्वारका, गोदाम में काम करने वाला सहायक।
लोकेश कुमार (35 वर्ष): निवासी पालम गांव, जालसाजी में शामिल सहयोगी।
दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई से न केवल उपभोक्ताओं के साथ हो रही धोखाधड़ी को रोका है, बल्कि बड़ी मात्रा में असुरक्षित खाद्य पदार्थों को बाजार में पहुँचने से रोककर सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा की है।



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