08/05/25

विद्युत क्षेत्र को कोयला आवंटन के लिए संशोधित शक्ति नीति को स्वीकृति दी

आरएस अनेजा, 08 मई नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कल हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में विद्युत क्षेत्र को कोयला आवंटन के लिए संशोधित शक्ति (भारत में पारदर्शी तरीके से कोयला दोहन और आवंटन योजना) नीति को स्वीकृति दे दी गई है। संशोधित शक्ति नीति सरकार द्वारा कोयला क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों की श्रृंखला में शामिल है।

2017 में शक्ति नीति के शुभारंभ के साथ, कोयला आवंटन प्रणाली में नामांकन आधारित व्यवस्था से नीलामी/टैरिफ आधारित बोली के माध्यम से कोयला लिंकेज के आवंटन के अधिक पारदर्शी तरीके में आमूलचूल परिवर्तन हुआ। अब, कोयला लिंकेज के लिए शक्ति नीति के कई पैरा को संशोधित शक्ति नीति में केवल दो विंडो में रखा गया है। इससे व्यापार करने में आसानी, प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने, दक्षता, क्षमता का बेहतर उपयोग, निर्बाध पिट हेड थर्मल क्षमता वृद्धि और देश को सस्ती बिजली देने का उद्देश्य पूर्ण होता है।

नवीन विशेषताओं के साथ वर्तमान संशोधन शक्ति नीति के दायरे और प्रभाव को और बढ़ाएगा तथा विद्युत क्षेत्र को सहयोग प्रदान करेगा।

नई नीति सभी बिजली उत्पादकों को कोयला लिंकेज सुनिश्चित करेगी जिससे अधिक बिजली उत्पादन, सस्ती दरें और अर्थव्यवस्था पर समग्र सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे रोजगार सृजन की संभावना बढ़ेगी। विभिन्न क्षेत्रों को विश्वसनीय और सस्ती बिजली आपूर्ति आर्थिक गतिविधियों को उत्प्रेरित करेगी और आत्मनिर्भर भारत पहल का समर्थन करेगी। सरलीकृत तरीके से घरेलू कोयले की बढ़ी हुई उपलब्धता से शेष संकटग्रस्त बिजली परिसंपत्तियों के संरक्षण में भी सहायता मिलेगी। लिंकेज कोयले का उपयोग अब बिजली बाजारों में बिक्री के लिए गैर-आवश्यक अधिशेष (यूआरएस) क्षमता से बिजली पैदा करने के लिए किया जा सकता है, जो न केवल बिजली एक्सचेंजों में बिजली की उपलब्धता बढ़ाकर बिजली बाजारों को मजबूत बनाएगा बल्कि उत्पादन स्टेशनों का इष्टतम उपयोग भी सुनिश्चित करेगा।

इसके अलावा, बिजली क्षेत्र को दिए जाने वाले नए लिंकेज से बिजली क्षेत्र के लिए कोयले की उपलब्धता बढ़ेगी और कोयला युक्त क्षेत्रों में खनन गतिविधियों में वृद्धि होगी, जिसके परिणामस्वरूप राज्य सरकारों को अधिक राजस्व प्राप्त होगा जिसका उपयोग इन क्षेत्रों और स्थानीय आबादी के विकास के लिए किया जा सकता है। नीति पिट हेड थर्मल क्षमता वृद्धि को प्रोत्साहित करेगी और आयातित कोयला आधारित (आईसीबी) संयंत्रों में आयातित कोयले के प्रतिस्थापन की सुविधा प्रदान करेगी जिससे वह घरेलू कोयला प्राप्त कर सकते हैं और इससे उनकी आयात कोयले पर निर्भरता कम हो जाएगी।

यह संशोधित शक्ति नीति घरेलू कोयला उपयोग को अधिकतम करेगी, निर्बाध तापीय क्षमता में वृद्धि सुनिश्चित करेगी, वैश्विक बाजारों पर कोयले की निर्भरता को कम करेगी तथा सभी के लिए ऊर्जा सुरक्षा के लिए सरकार के प्रयासों के साथ देश की ऊर्जा स्वतंत्रता को सुदृढ़ करेगी।

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