हासिम बाबा गैंग का एक और शार्प शूटर हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार, दिल्ली के वेलकम इलाके में कैफे के अंदर की थी सनसनीखेज हत्या
नई दिल्ली, 26 मई (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, दिल्ली और आसपास के राज्यों में सक्रिय खूंखार गैंगस्टरों और फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान में क्राइम ब्रांच की एनडीआर (NDR) टीम को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने कुख्यात गैंगस्टर हासिम बाबा गैंग के एक बेहद शातिर और वांछित शार्प शूटर को हरियाणा के करनाल से धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान रुहैल उर्फ साहिल (उम्र 28 वर्ष, निवासी अनूपशहर, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। आरोपी दिल्ली के थाना वेलकम इलाके में हुए एक सनसनीखेज मर्डर केस (FIR नंबर 50/26) में मुख्य रूप से वांछित था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
इंस्पेक्टर राकेश शर्मा और एसीपी उमेश बर्थवाल की टीम ने करनाल में दी दबिश
प्रेस रिलीज के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशों पर फरार अपराधियों को ट्रैक करने के लिए एसीपी एनडीआर (ACP/NDR) श्री उमेश बर्थवाल की देखरेख में इंस्पेक्टर राकेश शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में सब-इंस्पेक्टर अशोक, सौरभ, एएसआई कमल, विकास और हेड कांस्टेबल संजय, दिनेश, रविंदर सहित कई जांबाज शामिल थे।
टीम ने तकनीकी निगरानी (टेक्निकल सर्विलांस) और पुख्ता मानवीय खुफिया तंत्र (ह्यूमन इंटेलिजेंस) की मदद से आरोपी के करीबियों व रिश्तेदारों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स (CDRs/IPDRs) को खंगाला। आखिरकार, 24 और 25 मई 2026 की दरमियानी रात को एक सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने हरियाणा के करनाल में त्वरित और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर आरोपी रुहैल उर्फ साहिल को दबोच लिया।
कैफे के भीतर मर्डर की खौफनाक वजह: 'दोस्त के पिता को नाम लेकर पुकारा'
पुलिस पूछताछ और जांच में इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की जो वजह सामने आई है, वह बेहद हैरान करने वाली है:
कैफे में अंधाधुंध फायरिंग: आरोपी रुहैल उर्फ साहिल ने जनवरी 2026 में अपने दो अन्य साथियों मोईन कुरैशी और सुहैल के साथ मिलकर दिल्ली के वेलकम थाना क्षेत्र में स्थित एक कैफे के अंदर फैजान उर्फ फज्जी नाम के युवक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी।
मर्डर का कारण: तफ्तीश के मुताबिक, इस हत्या की वजह बेहद मामूली थी। कैफे में किसी बात को लेकर हुई बहस के दौरान पीड़ित फैजान ने सह-आरोपी मोईन कुरैशी के पिता को उनके पहले नाम (First Name) से पुकार दिया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला।
मुख्य आरोपी का पहले ही एनकाउंटर: इस मामले का मुख्य सह-आरोपी मोईन कुरैशी (जो स्थानीय अपराधी होने के साथ-साथ गैंगस्टर राशिद केबलवाला से भी जुड़ा था) फरवरी 2026 में ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ हुए एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि साहिल और सुहैल लगातार फरार चल रहे थे।
कोर्ट ने जारी किया था भगोड़ा (प्रोक्लामेशन) नोटिस; आरोपी का आपराधिक इतिहास
लगातार अंडरग्राउंड रहने और पुलिस को छकाने के कारण माननीय अदालत ने आरोपी साहिल और सुहैल के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 के तहत भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जिसकी तामीली रिपोर्ट 2 जुलाई 2026 तक कोर्ट में सौंपी जानी थी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रुहैल उर्फ साहिल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है और पेशे से बढ़ई (कारपेंटर) का काम करता था। वह बहुत कम पढ़ा-लिखा है और केवल अपने हस्ताक्षर (साइन) करना जानता है। दिल्ली में आकर वह नशा करने वालों और अपराधियों के संपर्क में आया और धीरे-धीरे वाहन चोरी व अवैध हथियार रखने के धंधे में शामिल हो गया। वह पूर्व में भी दिल्ली के जाफराबाद, न्यू उस्मानपुर और यूपी के सिकंदराबाद (बुलंदशहर) में चोरी और आर्म्स एक्ट के कई संगीन मामलों में नामजद रह चुका है। क्राइम ब्रांच अब इस मामले में फरार चल रहे तीसरे आरोपी सुहैल की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
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