जमीन खरीद-फरोख्त धोखाधड़ी मामले में अंबाला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दो और शातिर आरोपी गिरफ्तार, अब तक 10 काबू
अंबाला, 24 जून (अन्नू): अंबाला पुलिस के हाथ एक और बड़ी सफलता लगी है। पुलिस अधीक्षक (SP) अंबाला के कुशल मार्गदर्शन में काम कर रही आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की टीम ने करोड़ों रुपये की जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े एक हाईप्रोफाइल धोखाधड़ी मामले में दो और शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए शातिर आरोपियों की पहचान अश्वनी (निवासी चंडीगढ़) और उसके दोस्त गुरप्रीत उर्फ पम्मा (निवासी मस्तगढ़, मोहाली) के रूप में हुई है। माननीय न्यायालय से पुलिस रिमांड हासिल कर गहन पूछताछ करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
फर्जी दस्तावेज बनाकर असली मालिक बनने का खौफनाक खेल
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए आर्थिक अपराध शाखा के निरीक्षक परमवीर सिंह ने बताया कि इस पूरे खेल का मुख्य मोहरा आरोपी अश्वनी था। उसने जमीन के असली मालिक के नाम पर जाली दस्तावेज तैयार करवाए थे:
नकली पहचान का खेल: आरोपी अश्वनी ने जमीन के असली मालिक विजय मित्तल के नाम पर फर्जी आधार कार्ड, फर्जी पैन कार्ड और अन्य नकली कागजात तैयार करवाए थे।
खुद बना 'फर्जी विजय मित्तल': इन नकली कागजातों के दम पर अश्वनी खुद 'फर्जी विजय मित्तल' बनकर घूम रहा था और रजिस्ट्रियों व सौदों में असली मालिक के रूप में पेश हो रहा था ताकि करोड़ों रुपये की कीमती जमीन को ठिकाने लगाया जा सके।
इस पूरी साजिश में उसका साथ मोहाली निवासी उसके दोस्त गुरप्रीत उर्फ पम्मा ने दिया। आरोपी गुरप्रीत एक शातिर और हिस्ट्रीशीटर अपराधी है, जिसके खिलाफ पंजाब व अन्य जगहों पर पहले से ही हत्या और हत्या के प्रयास जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। इस जमीन घोटाले में जालसाजी की रकम से गुरप्रीत ने अपने हिस्से के लाखों रुपये भी लिए थे।
क्या है पूरा मामला?
इस बड़े घोटाले को लेकर असली जमीन मालिक और शिकायतकर्ता विजय मित्तल (निवासी सेक्टर 27बी) ने 05 दिसंबर 2025 को थाना अंबाला शहर में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।
दर्ज मामले के अनुसार, 09 मई 2025 से 30 जुलाई 2025 के बीच आरोपी गुरजीत सिंह और उसके साथियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत शिकायतकर्ता की करीब 12 बीघे 08 बिस्वा जमीन के फर्जी दस्तावेज और डीड तैयार किए थे। इसके बाद असली मालिक को कानों-कान भनक लगे बिना उस जमीन को आगे बेचकर करीब 3 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम की धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।
अब तक 10 जालसाज गिरफ्तार, रिकवरी जारी
आर्थिक अपराध शाखा के सहायक उप निरीक्षक (ASI) जयपाल सिंह और उनकी टीम ने निरीक्षक परमवीर सिंह के नेतृत्व में मुस्तैदी से काम करते हुए इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के फर्जीवाड़े के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। पुलिस इस मामले में कड़ियां जोड़ते हुए अब तक कुल 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। इसके अलावा, पुलिस ने अब तक आरोपियों के कब्जे और बैंक खातों से करीब 10 लाख रुपये की नकदी और वारदात में इस्तेमाल किए गए कई जाली कागजात व मोहरें बरामद कर ली हैं।
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा: ईओडब्ल्यू प्रभारी आर्थिक अपराध शाखा के प्रभारी निरीक्षक परमवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी पूरी गहराई से चल रही है और कड़ियों को खंगाला जा रहा है। इस पूरी धोखाधड़ी के नेटवर्क में शामिल, फर्जी कागजात बनाने वाले या गवाही देने वाले किसी भी अन्य व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही इस रैकेट से जुड़े कुछ और संलिप्त चेहरों को भी बेनकाब कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
#AmbalaPolice #EOWAction #LandScamAmbala #FraudCase #FakeDocuments #VijayMittalCase #ChandigarhCrime #MohaliCriminal #PropertyFraud #JaypalSinghASI #BreakingNews #DanikKhabar #AmbalaNews
Previous
दैनिक खबर: आज 24 जून, 2026 के प्रातः 10 बजे के ताज़ा समाचार
Next