अंबाला: रेलवे की लेटलतीफी से यात्री बेहाल, नेताजी एक्सप्रेस की देरी ने बिगाड़ा टॉय ट्रेन का सफर
अंबाला, 22 अप्रैल (अन्नू): अंबाला और कालका रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का गुस्सा और उनकी परेशानी साफ देखी जा सकती है। सोमवार-मंगलवार की मध्यरात्रि, हावड़ा-कालका (नेताजी एक्सप्रेस, 13051) अपने निर्धारित समय से सवा दो घंटे की देरी से पहुंची, जिसने कालका से शिमला जाने वाले यात्रियों की पूरी योजना को धराशायी कर दिया। इस देरी के कारण यात्रियों की कालका-शिमला एक्सप्रेस (52457) की कन्फर्म बुकिंग वाली ट्रेन छूट गई। कनेक्टिंग ट्रेन छूटने के कारण यात्रियों को पूरी रात कालका स्टेशन पर ही गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे न केवल उनका आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि वे भारी मानसिक प्रताड़ना के शिकार भी हुए।
दावों की पोल खोलती बदहाली
पीड़ित यात्रियों का आरोप है कि रेलवे की आधुनिकता के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। कालका निवासी अरुण सहित कई यात्रियों ने बताया कि उन्होंने 'रेल मदद' और सोशल मीडिया (एक्स) के माध्यम से अंबाला और दिल्ली डिवीजनों को लगातार सूचना दी, लेकिन कहीं से भी कोई त्वरित सहायता या संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अंबाला मंडल को की गई शिकायत का उत्तर भी घंटों बाद मिला, जिससे प्रशासन की संवेदनहीनता उजागर होती है। इसके अलावा, यात्रियों ने स्टेशन पर बैठने के लिए अपर्याप्त बेंच और सामान्य श्रेणी के डिब्बों में क्षमता से पांच गुना अधिक भीड़ होने की शिकायत करते हुए रेलवे की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
रेलवे प्रशासन का पक्ष
इस पूरे घटनाक्रम पर अंबाला मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, यशनजीत सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रेनों के संचालन में हो रही देरी के कारणों की गहन समीक्षा की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी तकनीकी खामी या रूट पर अन्य ट्रेनों के भारी दबाव के चलते ऐसी स्थितियां बन सकती हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि यात्रियों की सुविधा और उनकी समस्याओं का समाधान करना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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