अंबाला: श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर भक्ति की बयार, सुदामा चरित्र और कृष्ण लीलाओं से भावविभोर हुए श्रद्धालु
अंबाला, 22 अप्रैल (अन्नू): अंबाला के एकता विहार स्थित कीर्ति नगर के शिव कुटीर मंदिर धर्मशाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ। कथा के अंतिम दिन कथा व्यास डॉ. स्वामी शिव चैतन्य महाराज ने श्रद्धालुओं को सुदामा चरित्र, भगवान श्रीकृष्ण की 16,108 विवाह लीलाओं और राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वामी जी ने सुदामा की महिमा का बखान करते हुए कहा कि सुदामा के पास भले ही भौतिक संपत्ति का अभाव था, लेकिन वे प्रभु भक्ति रूपी धन से संपन्न थे, इसी कारण उन्हें कभी दरिद्र नहीं माना जा सकता।
मित्रता और ज्ञान का संगम
ऋषिकेश से पधारे आचार्य रोहित तिवारी और हरि चैतन्य महाराज ने श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता को सामाजिक समानता का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। कार्यक्रम में उपस्थित महामंडलेश्वर स्वामी सुखदेव देवानंद ने भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरुओं के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को ज्ञान का मार्ग दिखाया। वहीं, शिवा एंड पार्टी द्वारा प्रस्तुत भजनों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया, जिस पर भक्त भावविभोर होकर झूम उठे। इस धार्मिक आयोजन में कार्यकारिणी सदस्य वंत राम धीमान, विनोद अग्रवाल और अजय जिंदल ने विशेष रूप से शिरकत की।
समापन की रूपरेखा
कथा के सफल आयोजन के बाद अब समापन अनुष्ठानों की तैयारी है। पंडित सतीश शांडिल्य ने जानकारी दी कि बुधवार, 22 अप्रैल को सुबह 7:00 बजे हवन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके उपरांत, दोपहर 1:30 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा।
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