अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड स्कूलों में शुरू हुआ 'फेस रिकग्निशन' अटेंडेंस सिस्टम, फर्जी हाजिरी पर लगेगी रोक

अंबाला, 3 दिसंबर (अन्‍नू)- कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला ने अपने अधीनस्थ स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड ने अब स्कूलों में छात्रों की हाजिरी लगाने के तरीके में बदलाव करते हुए फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचान) आधारित बायोमीट्रिक सिस्टम की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य समय की बचत करना और सबसे महत्वपूर्ण, छात्रों की फर्जी हाजिरी पर प्रभावी रूप से रोक लगाना है। यह प्रयास बोर्ड द्वारा बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ एक बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करने की दिशा में किया जा रहा है।



इस नई तकनीक के तहत, फेस रिकग्निशन कैमरे वाली बायोमीट्रिक मशीनें कक्षाओं के बाहर स्थापित की गई हैं। अब छात्र कक्षा में प्रवेश करने से पहले ही अपनी हाजिरी दर्ज कर सकेंगे। इससे शिक्षकों का बहुमूल्य समय बचेगा और हर छात्र पर एक स्मार्ट तरीके से निगरानी रखी जा सकेगी। कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ आनंद शर्मा ने बताया कि पूर्व में यह शिकायतें आती थीं कि शिक्षक एक दिन पहले ही रजिस्टर में सुबह और शाम की हाजिरी लगा लेते थे, जिससे शिक्षा के स्तर पर नकारात्मक असर पड़ता था। अब विद्यालय से बाहर रहने पर ऐप से हाजिरी नहीं लगेगी, जिससे फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगेगी। उनका मानना है कि इस कदम से छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति बढ़ने के साथ-साथ पूरे शैक्षणिक माहौल में सुधार होगा।



पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह सुविधा प्राथमिक चरण में तोपखाना परेड स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुरू की गई है, जहाँ पांच मशीनें लगाई गई हैं और जल्द ही पांच अन्य मशीनें भी स्थापित की जाएंगी। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद, इस सुविधा को बोर्ड के अधीन शेष पाँच स्कूलों में भी लागू किया जाएगा। वर्तमान में कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन कुल छह स्कूलों में 2598 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य अजय बवेजा ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए एक अत्यंत अच्छा प्रयास है, जो बच्चों की वास्तविक स्थिति का पता लगाएगा और शिक्षकों को सौहार्दपूर्ण माहौल में बच्चों को शिक्षा प्रदान करने में मदद करेगा।

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