ADGP आत्महत्या मामला: IAS पत्नी ने FIR पर उठाए सवाल; "मुख्य आरोपी नदारद, SC/ST एक्ट की धाराएं कमज़ोर

हरियाणा, 10 अक्तूबर- हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले में उनकी पत्नी, आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज FIR पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने SSP कंवरदीप कौर को पत्र लिखकर FIR को 'अधूरा' बताया है।

मुख्य आरोप:

  • FIR में मुख्य आरोपियों (जैसे कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी रोहतक नरेंद्र बिजारणिया) के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं किए गए हैं, जबकि वे सुसाइड नोट में नामित हैं।

  • आरोपियों के खिलाफ SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की कमज़ोर धाराएं लगाई गई हैं। अमनीत पी कुमार ने धारा 3(2)(V) को जोड़ने की मांग की है।

  • उन्हें अभी तक मृतक द्वारा छोड़े गए फाइनल सुसाइड नोट की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिनकी मांग उन्होंने सत्यापन के लिए की है।

परिजनों का रुख:

मृतक के भाई और आईएएस डी सुरेश ने चंडीगढ़ के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा से मुलाकात की है और स्पष्ट कर दिया है कि जब तक हरियाणा डीजीपी और एसपी रोहतक की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे एडीजीपी पूरण कुमार का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। जवाब में, डीजीपी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आईजी के नेतृत्व में SIT (विशेष जांच दल) के गठन की बात कही है।

सुसाइड नोट में नाम शामिल:

सुसाइड नोट में डीजीपी शत्रुजीत कपूर, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो, एडीजीपी संजय कुमार, आईजी पंकज नैन, आईपीएस कला रामचंद्रन, आईपीएस संदीप खिरवार, आईपीएस सिबार कविराज, पूर्व डीजीपी मनोज यादव, पूर्व डीजीपी पीके अग्रवाल, पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित कई अन्य अधिकारियों के नाम बताए गए हैं।

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