30/07/25

काम के प्रति उदासीन अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करे

एन.एस.बाछल, 30 जुलाई, जयपुर।

शासन सचिव, पशुपालन, गोपालन एवं मत्स्य डॉ समित शर्मा ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट घोषणा की क्रियान्विति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सक्रिय होकर काम करना होगा। डॉ शर्मा ने मंगलवार को पशुधन भवन के सभागार में आयोजित एक बैठक में काम के प्रति उदासीन अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग के निदेशक डॉ आनंद सेजरा, अतिरिक्त निदेशक डॉ सुरेश मीना, डॉ प्रवीण सेन, डॉ विकास शर्मा, डॉ ओमप्रकाश बुनकर, वित्तीय सलाहकार श्री मनोज शांडिल्य तथा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जिलों के लिए मनोनीत नोडल अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में डॉ शर्मा ने कहा कि काम में आने वाली समस्याओं को दूर करते हुए ही काम में तेजी लानी होगी और इसके लिए शासन के स्तर पर पूरा सहयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत वर्ष 2024-25 के लक्ष्य को अगस्त तक पूरा कर एक सितंबर से वित्तीय वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा के अनुरूप नवीन पंजीकरण शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम प्रगति वाले जिलों के प्रभारियों कोे इस दिशा में अधिक प्रयास करते हुए लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, सेक्स सॉर्टेड सीमन, एमवीयू कॉल सेंटर तथा चैटबॉट, उष्ट्र संरक्षण योजना, पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, निःशुल्क आरोग्य योजना, नवीन पशु चिकित्सा केंद्रों के लिए भूमि की उपलब्धता, केपीआई आधारित प्रगति आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

एमवीयू कॉल सेंटर तथा चैटबॉट पर चर्चा करते हुए डॉ शर्मा ने कहा कि वर्तमान में एमवीयू की सेवाएं गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक नहीं हैं। उन्होंने इसके लिए सभी को एकजुट होकर प्रत्येक एमवीयू की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेवा प्रदाता फर्म के एमओयू की शर्तो का पालन नहीं करने पर उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना प्रभारी और जिला प्रभारी को काम के प्रति गंभीर होना पड़ेगा। अगर कहने से सुधार नहीं हो रहा है तो कार्यवाही करें। डॉ शर्मा ने चैटबॉट के सार्थक और प्रभावी संदेश बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से इसके प्रचार प्रसार के निर्देश दिए।

फील्ड में दवाइयों की आपूर्ति के संबंध में अधिकारियों को निर्देश देते हुए शासन सचिव ने कहा कि जिन दवाइयों की जरूरत फील्ड में है उन्हीं दवाइयों की खरीद होनी चाहिए। किसी कंपनी विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए दवाइयों की खरीद नहीं होनी चाहिए। दवाइयों से लाभ पशुओं को मिलना चाहिए दवा कंपनी को नहीं। डॉ शर्मा ने कहा कि कई जिलों में उपकरणों का उचित रखरखाव और उपयोग तथा दवाइयों के संधारण की व्यवस्था सही नहीं है, इसके लिए निदेशालय स्तर से निगरानी और प्रबोधन बहुत आवश्यक है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रभारियों को महीने में एक बार अपने जिले में दौरा कर निरीक्षण करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि फील्ड में कार्मिकों की उपस्थिति के लिए संबंधित अतिरिक्त निदेशक क्षेत्र जिला स्तरीय अधिकारी सहित जिले के नोडल अधिकारी को जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने विभागीय संस्थाओं में कार्मिकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम करने की इच्छा शक्ति में कमी नहीं आनी चाहिए। विभाग की अच्छी और सकारात्मक छवि बनाने के लिए समन्वित और ईमानदार प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करने के लिए सभी अपना अपना योगदान दें।  

शासन सचिव ने अधिकारियों से अनुशासन एवं समयबद्धता की पालना करते हुए निष्ठापूर्वक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहते हुए कार्य करने को कहा जिससे विभाग एक नई ऊंचाई प्राप्त कर सके।     

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