10/03/26

आंचल छाया बघौला के शिशु पालना केंद्र में मिली नवजात बच्ची, अब फरीदाबाद दत्तक ग्रहण एजेंसी में सुरक्षित

जे कुमार पलवल, 09 मार्च 2026: मानवता और ममता की एक भावुक कर देने वाली तस्वीर पलवल के बालगृह 'आंचल छाया' बघौला में देखने को मिली। रविवार दोपहर करीब 2:00 बजे संस्थान के बाहर स्थापित सुरक्षित 'शिशु पालना केंद्र' में एक अज्ञात व्यक्ति लाल रंग के कंबल में लिपटी हुई एक नवजात बच्ची को छोड़ गया। संस्थान के केस वर्कर नितिन कुमार और इंचार्ज संतोष ने तुरंत बच्ची को अपने संरक्षण में लिया। प्राथमिक जांच में बच्ची पूरी तरह स्वस्थ पाई गई है।

बाल कल्याण समिति का त्वरित निर्णय मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी और बाल कल्याण समिति (CWC) पलवल को सूचित किया गया। समिति की बेंच (नीतू सिंह, निशांत गौड़ और क्षमा भारद्वाज) ने बच्ची के सर्वोत्तम हित और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी (SAA), फरीदाबाद भेजने का निर्णय लिया। अब केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) और जेजे एक्ट-2015 के नियमों के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्ची को किसी जरूरतमंद परिवार को गोद (Adoption) दिया जाएगा।

प्रशासन की भावुक अपील: "फेंकें नहीं, हमें सौंपें" जिला बाल संरक्षण अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने इस घटना के माध्यम से समाज को एक कड़ा और संवेदनशील संदेश दिया है:

  • असुरक्षित स्थानों पर न छोड़ें: आर्थिक तंगी या सामाजिक दबाव के कारण बच्चों को झाड़ियों, नालियों या जंगलों में फेंकना कानूनन अपराध है। इससे मासूम की जान जा सकती है।

  • पहचान रहेगी गुप्त: यदि कोई माता-पिता पालन-पोषण में असमर्थ हैं, तो वे लघु सचिवालय स्थित कमरा नंबर-111-ए (बाल संरक्षण कार्यालय) में बच्चा सौंप सकते हैं। उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।

  • सुरक्षित विकल्प: जिले के सरकारी अस्पतालों, बस स्टैंडों और आंचल छाया बघौला के बाहर 'शिशु पालना केंद्र' स्थापित किए गए हैं, जहाँ बच्चा सुरक्षित छोड़ा जा सकता है।

बाल कल्याण समिति की सदस्य नीतू सिंह ने बेटियों के परित्याग की घटनाओं पर चिंता जताते हुए इसे सामाजिक अपराध बताया। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति या लावारिस बच्चे की सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098/112 पर दें।

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