10/01/26

नारायणगढ़ में शिक्षा की नई रोशनी-तेलु राम मेमोरियल ट्रस्ट पुस्तकालय बना युवाओं के सपनों को साकार करने का सशक्त केंद्र

अम्बाला/नारायणगढ़, 10 जनवरी (अन्‍नू ) : शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति की रीढ़ होती है और जब शिक्षा के लिए नि:स्वार्थ भाव से प्रयास किए जाते हैं, तो उनका प्रभाव केवल वर्तमान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आने वाली पीढिय़ों को भी दिशा देता है। नारायणगढ़ में तेलु राम मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा सैनी धर्मशाला में स्थापित पुस्तकालय आज इसी सोच का सशक्त और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। यह पुस्तकालय न केवल पुस्तकों का संग्रह है, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला भी सिद्ध हो रहा है।
तेलु राम मेमोरियल ट्रस्ट पुस्तकालय की स्थापना का उद्देश्य ऐसे युवाओं को एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर अपने जीवन को नई दिशा देना चाहते हैं।


मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में हुआ शुभारंभ
इस पुस्तकालय का विधिवत उदघाटन गत 14 नवंबर 2025 को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की धर्मपत्नी एवं हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी द्वारा किया गया था।

उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा था कि ज्ञान ही व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है और शिक्षा के माध्यम से ही सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने पुस्तकालय को समाज के लिए एक बहुमूल्य धरोहर बताया। उद्घाटन के पश्चात से ही पुस्तकालय में नारायणगढ़ एवं आसपास के गांवों के युवाओं की नियमित उपस्थिति यह प्रमाणित करती है कि यह पहल समय और आवश्यकता के अनुरूप है।


अनुशासन, सुविधा और नि:शुल्क सेवा का अनूठा संगम
पुस्तकालय के इंचार्ज मास्टर बलजीत सैनी ने बताया कि यह पुस्तकालय पूर्णत: नि:शुल्क है और किसी भी वर्ग का युवा यहां आकर अध्ययन कर सकता है। पुस्तकालय प्रतिदिन सुबह 9 बजे खुलता है और युवाओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए शाम तक संचालित रहता है।


उन्होंने बताया कि यहां प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों, समाचार पत्रों और अन्य अध्ययन सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था है। शीघ्र ही कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। पुस्तकालय में आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को आगमन और प्रस्थान का समय एंट्री रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य है, जिससे अनुशासन बना रहता है। मास्टर बलजीत सैनी ने कहा कि यह पुस्तकालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण विकसित करने का केंद्र है।


युवाओं के सपनों को मिल रहा मजबूत सहारा:
गांव उपलाना निवासी मनदीप कुमार, जो पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, ने बताया कि पुस्तकालय का शांत वातावरण और उपलब्ध संसाधन उनकी पढ़ाई के लिए बेहद सहायक हैं। उन्होंने कहा कि घर पर पढ़ाई के दौरान एकाग्रता नहीं बन पाती, लेकिन यहां आकर पढ़ाई करने से मन पूरी तरह अध्ययन में लग जाता है।


गांव धनोरा निवासी अरविंद, जो पीएचडी की तैयारी कर रहे हैं, ने कहा कि यह पुस्तकालय ग्रामीण युवाओं के लिए एक वरदान है। उन्होंने बताया कि यहां पढ़ाई का अनुशासित माहौल उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति और अधिक केंद्रित करता है। वहीं गांव अंधेरी निवासी हर्ष, जो बीटैक की तैयारी कर रहे हैं, ने कहा कि इस पुस्तकालय ने उनके समय का सही उपयोग करना सिखाया है। पहले खाली समय व्यर्थ चला जाता था, लेकिन अब वह नियमित अध्ययन कर अपने भविष्य को संवार रहे हैं, 12वीं कक्षा की छात्रा यशस्वी ने बताया कि पुस्तकालय में आकर पढऩे से उनकी पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि शांत वातावरण और प्रेरणादायक माहौल उन्हें आगे बढऩे की प्रेरणा देता है।


समाज सेवा का प्रेरक उदाहरण:
नम्बरदार सुरेश पाल ने कहा कि स्वर्गीय तेलु राम जी के नाम पर स्थापित यह पुस्तकालय समाजहित में किया गया एक अनुकरणीय कार्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।


सैनी सभा के पूर्व प्रधान मास्टर केहर सिंह सैनी ने पुस्तकालय की सराहना करते हुए कहा कि तेलु राम मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा किया गया यह कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज को सही दिशा दी जा सकती है और युवा पीढ़ी को नशा, भटकाव और सामाजिक कुरीतियों से दूर रखा जा सकता है।


गांव लखनोरा निवासी एडवोकेट राजवीर ने कहा कि यह पुस्तकालय ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से निश्चित रूप से गांवों से भी प्रशासनिक अधिकारी, डॉक्टर, वकील और सेना के अधिकारी निकलेंगे।


स्वर्गीय तेलु राम जी की स्मृति में समाजहित का संकल्प
तेलु राम मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा स्थापित यह पुस्तकालय स्वर्गीय तेलु राम जी की स्मृति को समर्पित है। उनका जीवन अनुशासन, समाजसेवा और राष्ट्रहित के मूल्यों से प्रेरित रहा। पुस्तकालय के माध्यम से उनके आदर्शों को जीवंत स्वरूप दिया गया है।


शिक्षा से सशक्त हो रहा नारायणगढ़:
तेलु राम मेमोरियल ट्रस्ट पुस्तकालय आज नारायणगढ़ क्षेत्र में शिक्षा की एक नई पहचान बन चुका है। यह न केवल युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग प्रदान कर रहा है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच और जागरूकता भी पैदा कर रहा है।


यह पुस्तकालय इस बात का प्रमाण है कि यदि समाज संगठित होकर शिक्षा के क्षेत्र में पहल करे, तो छोटे कस्बों और गांवों से भी बड़े अधिकारी, सैनिक, चिकित्सक और समाजसेवी निकल सकते हैं।

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