10/04/26

टीबी मुक्त अंबाला की ओर डिजिटल कदम: दवा भूलने की चिंता खत्म, ई-संगिनी ऐप बजाएगा अलार्म; जिले के 1260 मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ

अंबाला, 10 अप्रैल (अन्‍नू): अंबाला स्वास्थ्य विभाग ने टीबी (तपेदिक) के खिलाफ जंग में तकनीक का समावेश करते हुए 'ई-संगिनी' ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप विशेष रूप से उन मरीजों के लिए एक डिजिटल संरक्षक की तरह काम करेगा जो अक्सर व्यस्तता या भूलवश अपनी दवा समय पर नहीं ले पाते। अंबाला की जिला टीबी अधिकारी डॉ. सीमा के अनुसार, जिले में वर्तमान में 1260 एक्टिव मरीज हैं। शुक्रवार से अस्पताल की ओपीडी में आने वाले प्रत्येक मरीज को इस ऐप के बारे में विस्तार से जागरूक किया जाएगा।



दवा का अलार्म और एमडीआर (MDR) पर लगाम

टीबी के इलाज में सबसे बड़ी बाधा 'एमडीआर' (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस) का खतरा है, जो तब पैदा होता है जब मरीज दवा का कोर्स बीच में छोड़ देता है या नियमित रूप से दवाई नहीं खाता। 'ई-संगिनी' ऐप इस समस्या का समाधान करेगा। ऐप में मरीज का डेटा दर्ज होते ही उसकी दवाइयों का शेड्यूल सेट हो जाएगा और समय होते ही मोबाइल पर अलार्म बजने लगेगा। इससे मरीज को न केवल दवा की याद रहेगी, बल्कि उसे यह भी पता चलेगा कि कौन सी दवा किस समय खानी है।


एआई (AI) चैटबॉट सुलझाएगा हर शंका

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत इसका एआई चैटबॉट है। मरीजों को अब अपनी छोटी-छोटी शंकाओं, जैसे खान-पान के परहेज या बीमारी के लक्षणों के लिए बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे सीधे चैटबॉट से बात कर अपनी बीमारी से जुड़े सवालों के जवाब तुरंत हासिल कर सकेंगे। यह फीचर मरीजों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके इलाज के अनुभव को बेहतर करने के लिए डिजाइन किया गया है।


स्वास्थ्य विभाग रखेगा सीधी नजर

ऐप के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को रीयल-टाइम डेटा उपलब्ध होगा। विभाग यह आसानी से ट्रैक कर सकेगा कि किस मरीज को किट मिल चुकी है और कौन नियमित रूप से दवा का सेवन कर रहा है। डॉ. सीमा ने बताया कि इस निगरानी तंत्र से जिले में टीबी के इलाज की सफलता दर में बढ़ोतरी होगी और एमडीआर के नए मामलों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सकेगी। शुक्रवार से ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों के मोबाइल में इस ऐप को डाउनलोड करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।


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