ग्रीष्म ऋतु में पेयजल उपलब्ध करने के लिए 2 हजार 500 हेड पंप लगाए जाएंगे
एन.एस. बाछल, 13 मार्च, जयपुर।
राजस्थान प्रदेश लंबे समय से पानी की कमी से जूझता रहा है जिससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित होता है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं पशुपालन पर भी असर पड़ता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस गंभीर समस्या को समझते हुए बुधवार को विधानसभा में वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए पेयजल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई। इससे न केवल जल संकट से परेशान लाखों परिवारों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा बल्कि पर्याप्त जल उपलब्धता से किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ होगा। इसके लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु में आमजन को आसानी से पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 19 फरवरी को प्रस्तुत किए गए बजट में 1500 हैंडपंपों की घोषणा को बढ़ाकर 2500 हैंडपंपों की घोषणा की गई है। उन्होंने प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में उत्पन्न पेयजल सम्बन्धी समस्या का तत्काल निराकरण करने के लिए प्रत्येक जिला कलक्टर को समर कंटीजेंसी के अन्तर्गत एक करोड़ रुपये का अन्टाइड फंड भी उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित किया है।
पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 70 करोड़ रुपए के होंगे कार्य —
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 70 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य करवाये जाने की घोषणा की है। उन्होंने नारायणपुरा, ज्ञानपुरा, मुंडावरा, बिलाली, रतनपुरा,कराना, गढी, बामनवास कांकड तथा बड़ागांव में पाइप लाइन सहित नलकूप निर्माण कार्य (बानसूर) कोटपूतली- बहरोड के लिए 2 करोड़ 25 लाख रूपये एवं पावटा प्रागपुरा के लिए पेयजल योजना के लिए 20 करोड़ रुपए की घोषणा की है।
उन्होंने भीलवाड़ा जिले के रूणिया बरडा, भवानीपुरा, सरसिया, रीको पीपलूंद हेतु जल आपूर्ति योजना के लिए 25 करोड़ रूपये सहित सीकर जिले के खण्डेला में पेयजल सम्बन्धी विभिन्न कार्य के लिए 10 करोड़ रुपए की घोषणा की है।
झोटवाड़ा में होगा उच्च जलाशय का निर्माण —
मुख्यमंत्री ने राजसमंद जिले के मोही, कुंवारिया, बडारडा में जलापूर्ति योजना संवर्धन के कार्य के लिए 14 करोड़ एवं जयपुर जिले के झोटवाड़ा में वार्ड 39 में उच्च जलाशय का निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ 50 लाख रुपए की घोषणा की है।
बीसलपुर परियोजना से जुड़ेगा चौमू —
मुख्यमंत्री ने चौमूं को बीसलपुर परियोजना से जोड़ने के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट कार्य के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की है।