हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: प्रदेश के 250 सरकारी स्कूल बनेंगे "चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश स्कूल"
अभिकान्त, 29 मई हरियाणा : हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य में सरकारी शिक्षा के स्तर को अधिक आधुनिक, उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। सेकेंडरी एजूकेशन विभाग द्वारा जारी किए गए नए सरकारी आदेश के तहत प्रदेश के 250 सरकारी स्कूलों को अब “चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश स्कूल (CM EEE Schools)” के रूप में तब्दील करने की घोषणा की गई है। सरकार से अंतिम मंजूरी और सिफारिश मिलने के बाद विभाग ने इस फैसले का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
इस नई नीति के लागू होने के बाद इन सभी चिन्हित 250 स्कूलों में शिक्षा के माध्यम को लेकर बड़ा बदलाव दिखेगा। नए नियमों के मुताबिक:
पहली कक्षा (Class 1st): इस क्लास के सभी बच्चों के लिए पूरी पढ़ाई सिर्फ और सिर्फ अंग्रेजी माध्यम (English Medium) में करना अनिवार्य होगा।
दूसरी कक्षा और उससे आगे (Class 2nd onwards): दूसरी क्लास से स्कूल प्रशासन को हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अलग-अलग सेक्शन (Sections) बनाने होंगे, ताकि छात्र अपनी सुविधा के अनुसार माध्यम चुन सकें।
सरकार ने छात्रों और अभिभावकों के असमंजस को दूर करते हुए यह साफ कर दिया है कि इन स्कूलों की संबद्धता पहले की तरह ही हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH), भिवानी से बनी रहेगी। यानी छात्रों की बोर्ड परीक्षाओं और स्कूल की मान्यता के ढांचे में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। इसके अलावा, एक राहत भरी बात यह भी है कि सामान्य सरकारी फंड के अलावा छात्रों से किसी भी तरह की एक्स्ट्रा फीस या फंड नहीं वसूला जाएगा। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चे बिना किसी आर्थिक बोझ के अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कर सकेंगे।
शिक्षा विभाग के नोटिफिकेशन के अनुसार, ये सभी 250 संस्थान सह-शिक्षा (Co-Educational) मॉडल पर चलेंगे, जहाँ छात्र और छात्राएं एक साथ शिक्षा ग्रहण करेंगे। इन स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बनाए रखने के लिए बेहतरीन और योग्य शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए बकायदा एक विशेष स्क्रीनिंग प्रक्रिया (Screening Process) चलाई जाएगी, जो बिल्कुल प्रदेश के 'मॉडल संस्कृति स्कूलों' और 'पीएम श्री स्कूलों' के नियमों की तर्ज पर होगी।
इन चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस स्कूलों को केवल अपने तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इन्हें अपने संबंधित क्लस्टर (क्षेत्र) में “हब स्कूल” की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये स्कूल अपने आसपास के अन्य सामान्य सरकारी स्कूलों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधन, आधुनिक तकनीक, स्टडी मटेरियल और अध्यापन की विशेषज्ञता साझा कर उनका मार्गदर्शन भी करेंगे।
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