वीरांगना रानी दुर्गावती अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और साहस की मिसाल थीं : मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 25 जून, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रानी दुर्गावती अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और साहस की प्रतीक थीं। माता दुर्गावती के व्यक्तित्व में नारी शक्ति की पराक्रम झलकती है। आज मुगलों को धूल में मिलाने वाली रानी दुर्गावती का 463वां बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती ने गोंडवाना साम्राज्य में 52 किलों पर शासन किया। अपने पति के असामयिक निधन के बाद, बेत्ते ने 5 वर्षों तक सिंहासन संभाला और 15 वर्षों तक जनसेवा और क्षेत्र की रक्षा के लिए स्वयं को समर्पित किया। रानी दुर्गावती का जन्म लगभग 500 वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश की धरती पर हुआ था, लेकिन आज पूरा देश और क्षेत्र उन्हें श्रद्धापूर्वक याद करता है। यह हमारा सौभाग्य है कि राज्य सरकार के गठन के बाद मंत्रिपरिषद की पहली बैठक जबलपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित हुई। इसके बाद दूसरी मंत्रिमंडल बैठक रानी दुर्गावती के गोंडवाना साम्राज्य की राजधानी संग्रामपुर में हुई। उन्होंने कहा कि जबलपुर हवाई अड्डे का नाम वीरंगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने का प्रस्ताव केंद्रीय विमानन मंत्रालय को भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीरंगना रानी दुर्गावती के यज्ञदिवस पर उनके समाधि स्थल, नर्राई नाला जबलपुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जबलपुर में मदन महल के पास 100 करोड़ रुपये की लागत से रानी दुर्गावती को समर्पित एक नया संस्थान तैयार किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन शीघ्र ही होगा। इस संस्थान के माध्यम से क्षेत्र की आने वाली पीढ़ियां रानी दुर्गावती के गौरवशाली अतीत और कार्यों से परिचित होंगी। जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम पर एक चिड़ियाघर और वन्यजीव बचाव केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही मंडला की 35वीं बटालियन का नाम भी रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नायकों की वीरता और समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने के लिए 'विरासत से विकास' अभियान की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती का शासनकाल गौंड साम्राज्य का स्वर्ण युग था। रानी दुर्गावती ने उस दौरान किसानों के कल्याण के लिए बीज संग्रहण, फसल चक्रण और जल भंडारण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके कुशल प्रबंधन के फलस्वरूप ही अन्न भंडार भरे रहते थे।
सरकार किसानों के कल्याण के लिए ठोस निर्णय ले रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और किसानों को समर्पित पूरे वर्ष के ठोस निर्णय ले रही है। अब किसान भाइयों के लिए शून्य ब्याज दर पर लिए गए ऋण को 31 मार्च तक चुकाने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। किसान ऋण लेने की तिथि से एक वर्ष की अवधि के भीतर ऋण चुका सकते हैं। राज्य सरकार वित्तीय संस्थानों को 880 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। राज्य सरकार पर्यटन, उद्योगों और अवसंरचना विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार अब सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण करने वाले किसानों को चार गुना मुआवजा देगी। राज्य में संचालित रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना कोदो-कुटकी उगाने वाले किसानों को लाभ पहुंचा रही है। क्षेत्र की प्रिय बहनों को प्रति माह 1500 रुपये दिए जाने से उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ी है। किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ भी मिल रहा है। रानी दुर्गावती द्वारा किसानों के कल्याण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों से प्रेरित होकर, राज्य सरकार भी किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार के पास किसान कल्याण और कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आदिवासी कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। देश में पहली बार आदिवासी वर्ग की श्रीमती द्रौपदी मुर्मू अध्यक्ष पद पर आसीन हो रही हैं। राज्य सरकार सभी के सहयोग, सभी के विकास और सभी के प्रयासों की भावना से कार्य कर रही है। हमारी सरकार अपने वादों पर खरी उतरती है।
लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके ने अपने संबोधन की शुरुआत वीरांगना रानी दुर्गावती से संबंधित एक सशक्त कविता से की और "अदे खड़ी दीवार बने, सैवाद से प्रेम की दीवानी, तूफान से ना मानी, मार्कर हुई अमर रानी, मार्कर हुई अमर रानी" पंक्तियाँ पढ़ीं। उन्होंने वीरांगना महारानी दुर्गावती के चरणों में नमन किया और कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें आदिवासी समाज के सम्मान, उत्थान, भाषा, संस्कृति और परंपराओं के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जल संरक्षण, वन संरक्षण, आदिवासी क्षेत्रों के विकास, दंड और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने आदिवासी समाज से अपनी भाषा, बोली, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि रानी दुर्गावती के आदर्शों को जनमानस तक पहुंचाना हमारा दायित्व है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वीरंगना रानी दुर्गावती का नाम लेने से मध्य प्रदेश के हर कण में महान कौशल और आस्था का भाव जागृत होता है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती न केवल एक वीर योद्धा थीं, बल्कि जल प्रबंधन, कृषि प्रणाली, आत्मसम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की अद्भुत मिसाल थीं। उनके द्वारा निर्मित तालाबों की श्रृंखला, जल भंडारण और संसाधन उपयोग की उनकी प्रणाली आज भी बड़े-बड़े जल विशेषज्ञों को अचंभित करती है। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जबलपुर की धरती के लिए यह गर्व की बात है कि यह वही धरती है जहां वीर रानी दुर्गावती ने अपना प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आग्रह किया कि जबलपुर हवाई अड्डे का नाम भी वीरंगना महारानी रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाए। यह केवल नामकरण मात्र नहीं होगा, बल्कि इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और गौरव को राष्ट्रीय मान्यता देने का निर्णय होगा।
वरिष्ठ विधायक और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान स्वतंत्रता, संस्कृति, पहचान और आत्मसम्मान की रक्षा का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने जीवन के माध्यम से यह संदेश दिया कि अपमान के साथ जीने से बेहतर है सम्मान के साथ मरना। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भारत के इतिहास में आदिवासी समाज का योगदान अमूल्य है और रानी दुर्गावती उस गौरवशाली परंपरा की प्रेरणाओं में से एक हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को रानी दुर्गावती के जीवन से यह सीख लेनी चाहिए कि देश की स्वतंत्रता और आत्मसम्मान आसानी से नहीं मिला, बल्कि अनगिनत नायकों और नायिकाओं ने इसके लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश उन महान नायकों को श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है जिन्होंने भारत की पहचान और संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित की जाती है।
कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्राई नाला गांव में स्थित वीरंगना महारानी की समाधि स्थल पर महारानी दुर्गावती को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद वीर नारायण की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। साथ ही गौंड समाज के बड़ा देव की प्रतिमा की भी पूजा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया।
राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह, विधायक अशोक रोहानी, सुशील तिवारी 'इंदु', नीरज सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी, श्रद्धालु और बड़ी संख्या में नागरिक इस अवसर पर उपस्थित थे।
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