बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा सर्वोपरि है, हर व्यक्ति तक पहुंचा जाएगा: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 24 अगस्त, भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे और रीवा-शाहडोल मंडल में भारी बारिश और राहत कार्यों की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए। बाढ़ प्रभावित सभी गांवों और शहरी क्षेत्रों के वार्डों में विशेष चिकित्सा शिविर स्थापित किए जाएं। यदि लोगों का भोजन, पेय पदार्थ, सामान, घर आदि नष्ट हो गए हैं, तो आरबीसी 64 के तहत तत्काल सहायता प्रदान की जाए। बैठक में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और मुख्य सचिव अशोक बरनवाल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित सभी लोगों के साथ खड़ी है। हम सभी के जीवन, संपत्ति और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। राहत और बचाव अभियान जारी हैं। बाढ़ से प्रभावित किसी भी व्यक्ति को असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां अभी भी बाढ़ का पानी है, वहां राहत शिविरों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। शिविरों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। जहां बाढ़ का पानी निकल चुका है, वहां सरकारी अधिकारियों को भेजा जाना चाहिए, ताकि लोगों को भोजन या पेय की कोई समस्या न हो।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेयजल की शुद्धता के लिए सभी जल स्रोतों और हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर आदि से क्लोरीनीकरण किया जाना चाहिए। बाढ़ प्रभावित सभी गांवों और शहरी क्षेत्रों के वार्डों में विशेष चिकित्सा एवं उपचार शिविर आयोजित किए जाने चाहिए। बुखार और जुकाम से पीड़ित मरीजों का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। भारी बारिश से प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल की जानी चाहिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सा विभाग को भेजा जाना चाहिए और यदि पशु मर जाते हैं, तो उनका वैज्ञानिक तरीके से अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए।

एक विशेष सफाई अभियान शुरू करें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौशालाओं आदि में पशुओं के लिए पर्याप्त भोजन और चारा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। फसल क्षति की सूचना मिलने पर तुरंत सर्वेक्षण करें। यदि बुवाई आदि प्रारंभिक चरण में है, तो फसल नष्ट होने के बाद किसानों को बीज आदि उपलब्ध कराए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, चिकित्सा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग और कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल/क्षेत्र में तैनात रहें। उनकी एक टीम बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में भेजें। सभी शहरी निकायों और गांवों में तुरंत स्वच्छता अभियान शुरू करें, ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी न फैले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्थानीय स्थिति पर निरंतर नजर रखने और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। किसी भी प्रकार के राहत एवं बचाव कार्यों को कम न समझें। जिला प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता, सतर्कता और तत्परता के साथ सभी प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करनी चाहिए।

सिरमौर के विधायक दिव्यराज सिंह, त्योंथर के विधायक सिद्धार्थ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल, विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. पंचूलाल प्रजापति, उपाध्यक्ष अजय सिंह, नगर निगम अध्यक्ष वेंकटेश पांडे, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, राजस्व के प्रधान सचिव, स्वास्थ्य के प्रधान सचिव, पुलिस होम गार्ड के महानिदेशक, जनसंपर्क आयुक्त मनीष सिंह, रीवा मंडल के आयुक्त शीलेंद्र सिंह, आईजी गौरव राजपूत, डीआईजी हेमंत सिंह चौहान, कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, एसपी डॉ. गुरुकरण सिंह, नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन सहित अन्य जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इस अवसर पर उपस्थिति दर्ज कराई।

जलभराव क्षेत्र की निगरानी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा के गुलाब नगर क्षेत्र में जलभराव का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित लोगों को पूरी सहानुभूति के साथ मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन ने इस प्राकृतिक आपदा का तत्परता से सामना किया। 24 से 27 अगस्त 2026 के बीच मानसून चक्र के सक्रिय रहने की संभावना वाले जिलों में सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर सतर्कता बनाए रखने और आवश्यकतानुसार सभी बचाव एवं राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा प्रक्रियाएं सावधानीपूर्वक की जानी चाहिए। भविष्य में अत्यधिक वर्षा की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

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