स्लीमनबाद सुरंग के पूरा होने के बाद, रीवा जिले के खेतों को जल्द ही नर्मदा का पानी मिलेगा: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 22 सितम्बर, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रीवा की समस्याओं का समाधान कृषि, विशेषकर बागवानी और प्राकृतिक कृषि नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और लगन के कारण यहां धान, गेहूं, चना, मसूर, अलसी और सोयाबीन का भरपूर उत्पादन हुआ है। इससे रीवा जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा जिले में बलराम कृषि महोत्सव में मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को बताया कि स्लीमनबाद सुरंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। इस सुरंग के पूरा होने के बाद नर्मदाजी नदी का स्वच्छ जल रीवा जिले के खेतों तक पहुंचेगा। इससे क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की सुविधा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि त्योंथर, लोन्ही, सिरमौर और सेमरिया की सिंचाई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रीवा के निवासियों को लगभग एक लाख 32 हजार हेक्टेयर भूमि के लिए सिंचाई की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को बताया कि राज्य सरकार उन सभी पट्टेदारों को मुफ्त पंजीकरण प्रदान करेगी जिनके पास भूमि पट्टे तो हैं लेकिन रजिस्ट्री नहीं है। राज्य सरकार ऐसे 50 लाख पट्टों (लगभग 4 हजार करोड़ रुपये) का रजिस्ट्री शुल्क वहन करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के जन प्रतिनिधियों और चार प्रगतिशील किसानों से बातचीत की और पारंपरिक खेती के साथ-साथ वर्तमान में की जा रही नवीन खेती के बारे में उनके अनुभवों की जानकारी प्राप्त की। किसानों ने बताया कि उन्नत कृषि मशीनों से की जाने वाली तकनीकी खेती और जैविक उर्वरकों के प्रयोग से की जाने वाली प्राकृतिक खेती अधिक लाभदायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले भर के किसानों से प्राकृतिक खेती, बागवानी, हरी सब्जियां, पशुपालन और फसल विविधता अपनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए रीवा जिले में एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र को प्राकृतिक खेती क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। बासमन मामा गौ अभयारण्य हमारे गौ संरक्षण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का एक प्रमुख केंद्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौशाला में संचालित 'प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र' यहां के सभी किसान भाइयों को जैविक खेती, ठोस जैविक खेती और प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों को सीखने और अपनाने में मदद कर रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पारंपरिक खेती के अलावा, रीवा के किसान बागवानी और प्राकृतिक खेती में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीवा में अमरूद, आंवला और कटहल का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, जो यहां की कृषि विविधता को दर्शाता है। रीवा श्री अन्ना की खेती भी उत्पादन में प्रगति कर रही है। कृषि में विविधता लाने के लिए राज्य बाजरा मिशन के तहत कोदो-कुटकी जैसी मोटी अनाज फसलों का विस्तार किया जा रहा है। श्री अन्ना की खेती से न केवल किसानों की आय बढ़ती है, बल्कि उनके परिवारों की पोषण सुरक्षा भी मजबूत होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी किसानों को तेजा दशमी, डोल ग्यारह और गणेशोत्सव की शुभकामनाएं भी दीं।
रीवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी किसानों को संबोधित किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (एपीएक्स बैंक) के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव, विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति, उपाध्यक्ष प्रवीण त्रिपाठी, रीवा जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल, सिद्धार्थ, कपिल यार्डे और वीरेंद्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में किसानबंधु उपस्थित थे।
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