प्रधानमंत्री गरीब कल्याण खाद्य योजना: खाद्य सुरक्षा की दिशा में कदम : मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 20 सितम्बर, भोपाल।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना एक ऐसी आपातकालीन योजना है जिसने प्रत्येक नागरिक के लिए खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया है। यह योजना खाद्य सुरक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण है और सभी के लिए भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सरकार की नैतिक जिम्मेदारी को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत, श्योपुर जिले के 1 लाख 29 हजार 836 परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। जिले की 274 उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को हर महीने आसानी से भोजन वितरित किया जा रहा है। यह एक ऐसी व्यवस्था है जो खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देती है और जरूरतमंद उपभोक्ताओं की मासिक खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करती है। खास बात यह है कि इस योजना के तहत मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, यानी किसी भी उपभोक्ता से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। पीओएस मशीनों के माध्यम से योजना को इतना पारदर्शी बनाया गया है कि संबंधित उपभोक्ताओं को बायोमेट्रिक पहचान और भोजन वितरण के बाद ही भोजन मिल पाता है। यह व्यवस्था हजारों परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।

अंत्योदय योजना की लाभार्थी और पांडोला में रहने वाली बुजुर्ग महिला भरोसा बाई बैरवा बताती हैं कि उन्हें पिछले कई वर्षों से इस योजना का लाभ मिल रहा है। उन्हें इस योजना से हर महीने 30 किलो गेहूं और 5 किलो चावल मुफ्त में मिलते हैं, जिससे उनके परिवार को आर्थिक रूप से काफी मदद मिल रही है। वे बताती हैं कि इस बार अगस्त में सितंबर के लिए अग्रिम भोजन दिया गया था, ताकि बारिश के मौसम में हमें किसी तरह की परेशानी न हो। उन्हें अगस्त महीने में 60 किलो गेहूं और 10 किलो चावल मिले हैं, जो उनके परिवार के दो महीने के भोजन के लिए पर्याप्त हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि हम जैसे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बढ़ावा देने के लिए काम किया जा रहा है, क्योंकि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है और भोजन पर खर्च होने वाली राशि हर महीने बच रही है, जिससे हम जैसे परिवार धीरे-धीरे आर्थिक तंगी से उबर रहे हैं।

अनुसूचित जाति परिवार की रामकथा बैरवा भी अंत्योदय योजना की लाभार्थी हैं और उन्हें प्रति माह 35 किलो भोजन मिलता है, जिससे उनके परिवार की भोजन संबंधी आवश्यकताएं पूरी होती हैं। यह योजना पात्रता के आधार पर भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करती है। बनवारी सुमन भी ऐसे ही लाभार्थी हैं, जिन्हें पात्रता श्रेणी के आधार पर प्रत्येक सदस्य को 5 किलो भोजन मिलता है। उनके परिवार में तीन सदस्य हैं, इसलिए उन्हें हर महीने 15 किलो भोजन मुफ्त मिलता है। जिले में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या काफी अधिक है और यह योजना अंत्योदय कल्याण का एक उदाहरण बन गई है।

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