ज्ञान, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के साथ युवा विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें: राज्यपाल मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 19 सितम्बर, भोपाल।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवाओं को अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग समाज, पर्यावरण और राष्ट्र के हित में व्यक्तिगत सफलता के लिए करना चाहिए। 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और जनसेवा की भावना महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों से सफलता के साथ-साथ विनम्रता बनाए रखने और माता-पिता, शिक्षकों और समाज के योगदान को हमेशा याद रखने का आग्रह किया।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए यह बात कही। दीक्षांत समारोह कुशभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित किया गया था।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने महान स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद बरकतुल्लाह जी के देश प्रेम और देश सेवा के प्रति उनके समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का उत्सव है, जो उनके जीवन में नई जिम्मेदारियों और अवसरों के द्वार खोलता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी का सफर अलग होता है। अपनी उपलब्धियों पर गर्व करें और अपने माता-पिता के बलिदानों और शिक्षकों के सहयोग के लिए हमेशा आभारी रहें। वे जहां भी जाएं, अपने विश्वविद्यालय और परिवार की गरिमा बढ़ाने का प्रयास करें। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में, दंड प्रणाली केवल शिक्षा और ज्ञान प्राप्ति का साधन नहीं रही है, बल्कि सत्य की खोज, चरित्र निर्माण और जन कल्याण का मार्ग रही है। गुरु-शिष्य परंपरा में समानता, अनुशासन और चरित्र निर्माण को महत्व दिया गया है। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण गुरु संदीपानी के आश्रम में कृष्ण, बलराम और सुदामा को एक समान दंड मिलना है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान चुनौतियों के समाधान और भविष्य के नवाचार का साधन बनाना होगा।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीक्षांत समारोह के विषय 'हरित ऊर्जा से एवंसर भारत निर्माण की पहल' की सराहना करते हुए कहा कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी आवश्यक है। प्रकृति के निरंतर दोहन के कारण जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान का उल्लेख किया। छात्रों से स्वच्छ हवा के लिए जनभागीदारी के माध्यम से वृक्षारोपण और जल संरक्षण को बढ़ावा देने का आग्रह किया गया। उन्होंने कच्छ के रण में एक शिक्षक दंपति का उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चों की भागीदारी से स्कूल की चारदीवारी में पौधे लगाकर निर्माण कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि काम भले ही छोटा हो, लेकिन सोच बड़ी है और संकल्प दृढ़ है, जिसका प्रभाव दूरगामी है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और जल संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार के साथ आदर्श जीवन शैली का उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि 'जन सेवा संकल्प' अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से छात्रों की भागीदारी के साथ सेवा शिविरों का आयोजन करने और सिकल सेल, थैलेसीमिया और कैंसर रोगियों के लिए रक्तदान जैसी परोपकारी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि रक्तदान जीवनदान के बराबर है और युवाओं की सेवा भावना विकसित भारत की आधारशिला बनेगी।

क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही बेटियों के लिए नामांकन की संख्या में वृद्धि हुई है।

उच्च, तकनीकी शिक्षा और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोहों के नियमित आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इस वर्ष राज्य में उच्च शिक्षा में लड़कियों का नामांकन लड़कों से अधिक है। उन्होंने कहा कि लड़कियों की बढ़ती भागीदारी न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक बदलाव है, बल्कि बदलते भारत का एक सशक्त उदाहरण भी है। यह गर्व की बात है कि मध्य प्रदेश राष्ट्रीय दंड नीति-2020 को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में से एक है। इस क्षेत्र में नीति के प्रावधानों का प्रभावी कार्यान्वयन व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।

भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के कुलपति प्रोफेसर के. रंगराजन ने विश्वविद्यालय को प्रणाम करते हुए कहा कि वे स्वयं इस विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। दीक्षांत समारोह में भाग लेकर आपको इतना गर्व क्यों हो रहा है? उन्होंने कहा कि आज वैश्विक बनने के लिए विदेश जाना जरूरी नहीं है। भारत में अपार अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भारत विश्व के सभी विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते के लिए प्रयासरत है।  

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव और कुलपति अनुपम राजन ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 85 शोधकर्ताओं को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई और 27 छात्रों को स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम में छात्रों को दीक्षांत शपथ दिलाई।

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