18/08/26

AI और साइबर तकनीक से स्मार्ट होगी राजस्थान पुलिस डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कोटा में किया ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

एन.एस.बाछल, 18 अगस्त, जयपुर।

अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और पुलिसिंग के सामने नई डिजिटल चुनौतियां उभर रही हैं। इन चुनौतियों से निपटने और राजस्थान पुलिस को तकनीक के क्षेत्र में और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कोटा में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा और OSINT जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से अपराध अनुसंधान, साइबर जांच और दैनिक पुलिसिंग को और स्मार्ट एवं प्रभावी बनाना है।

डीजीपी ने किया तीन दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), कोटा के तकनीकी सहयोग से 19 अगस्त 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षा आधारित स्मार्ट पुलिसिंग’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को IIIT कोटा परिसर में महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा ने दीप प्रज्चलन कर किया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल, उप महानिरीक्षक पुलिस कुँवर राष्ट्रदीप सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं कोर्स समन्वयक प्रोफेसर ज्ञान सिंह उपस्थित रहे।

भविष्य की डिजिटल चुनौतियों के लिए तैयार होगी पुलिस — डीजीपी

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पुलिसिंग को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने और साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में की गई इस पहल की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राजस्थान पुलिस में तकनीकी नवाचार और स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य पुलिस बल को भविष्य की डिजिटल चुनौतियों के लिए तैयार करना तथा तकनीक के बेहतर उपयोग के माध्यम से नागरिकों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना है।

AI और साइबर तकनीक पर होगा फोकस

कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की AI, साइबर सुरक्षा, OSINT और उभरती डिजिटल तकनीकों के संबंध में व्यावहारिक दक्षता बढ़ाना है। इन तकनीकों के माध्यम से अपराध अनुसंधान, डिजिटल इंटेलिजेंस, साइबर जांच और  पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

75 पुलिसकर्मी ले रहे प्रशिक्षण

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोटा शहर एवं कोटा रेंज के अन्य जिलों से कुल 75 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान वास्तविक पुलिसिंग परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी ज्ञान एवं कौशल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रैक्टिकल और सिमुलेशन से मिलेगा प्रशिक्षण

कार्यक्रम में केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रहकर व्यावहारिक अभ्यास एवं सिमुलेशन के माध्यम से AI टूल्स, साइबर जांच, OSINT और स्मार्ट पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पुलिसकर्मी तकनीकी संसाधनों का वास्तविक पुलिसिंग में बेहतर उपयोग कर सकेंगे।

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