आरएसएमएम खनन की नवीनतम तकनीक अपनाते हुए जीरो लॉस माइनिंग पर फोकस करें- मुख्य सचिव राजस्थान
एन.एस.बाछल, 17 जून, जयपुर।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान माइंस एवं मिनरल्स (आरएसएमएम) खनिजों के खनन में देश दुनिया की नवीनतम तकनीक को अपनाते हुए जीरो लॉस माइनिंग पर फोकस करें। उन्होंने कहा कि एग्रेसिव मार्केटिंग अपनाते हुए आरएसएमएम के कारोबार और लाभदायकता को बढाने के समग्र प्रयास करने होंगे।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सचिवालय में आरएसएमएम की 76 वीं वार्षिक साधारण सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरएसएमएम राज्य सरकार का प्रमुख उपक्रम है और रॉक फास्फेट के खनन और विपणन से खेती - किसानी में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रॉकफास्फेट, लाइमस्टोन, लिग्नाइट और जिप्सम के खनन को और अधिक बढ़ाने के लिए सालाना एक्शन प्लान बनाकर क्रियान्वित करना होगा। उन्होंने पोटाश के एक्सप्लोरेशन की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए नई संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने आरएसएमएम के मोनेटरिंग सिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि इससे और अधिक बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि आरएसएमएम द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में लाइमस्टोन, रॉक फॉस्फेट, लिग्नाइट और जिप्सम 70 करोड़ 64 लाख टन खनिजों की बिक्री की है। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में इसे और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है।
आरएसएमएम के प्रबंध निदेशक पी. रमेश ने बताया कि आरएसएमएम द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के दो माहों में 17793 लाख 35 हजार रुपये का कारोबार किया गया है। उन्होंने बताया कि आरएसएमएम में शोध और विकास के लिए आरएण्डडी प्रकोष्ठ का गठन किया गया है।
वार्षिक साधारण सभा की बैठक में निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा सहित सदस्यों ने आरएसएमएम के कारोबार और लाभदायकता बढ़ाने के संबंध में सुझाव दिए।
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