15/08/26

विभाजन की स्मृति को संजोएं, संवेदना के साथ सजग भी रहें -संसदीय कार्य मंत्री राजस्थान

एन.एस.बाछल, 15 अगस्त, जयपुर।

‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम शुक्रवार को जोधपुर के मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संसदीय कार्य, विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल, जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली, जिला कलक्टर आलोक रंजन सहित विभाजन से प्रभावित एवं पाक विस्थापित परिवारों के गणमान्यजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। विभाजन से प्रभावित परिवारों के गणेश बिजाणी, माजी राणा एवं राजकुमार ने अपने संस्मरण साझा करते हुए विभाजन के कठिन दौर, विस्थापन की पीड़ा एवं उस समय के दुखद अनुभवों को साझा किया। उन्होंने शासन एवं प्रशासन की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि आज वे इस देश के सम्मानित नागरिक होने पर गौरवान्वित हैं।

विभाजन की पीड़ा को स्मृति में रखें, एकता और अखंडता के प्रति रहें सजग—जोगाराम पटेल

संसदीय कार्य, विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन सभी दिवंगतों को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने विभाजन के दौरान अमानवीय यातनाएं झेलीं और बिना किसी कारण अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा को स्मरण रखना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उस दौर के संघर्ष, त्याग और त्रासदी से परिचित हो सकें।

उन्होंने कहा कि विभाजन ने लाखों परिवारों को अपनी जन्मभूमि, घर-बार और संपत्ति छोड़ने के लिए विवश किया। अनेक लोगों ने अपनों को खोया और विस्थापन का असहनीय दर्द झेला। इसके बावजूद विस्थापित परिवारों ने साहस, संघर्ष, परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर स्वयं को पुनः स्थापित किया तथा देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

नई पीढ़ी को बताएं पूर्वजों के संघर्ष और पुरुषार्थ की गाथा—

जोगाराम पटेल ने कहा कि विभाजन की स्मृतियों को केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्ष, त्याग और पुरुषार्थ की गाथा से परिचित कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा को याद रखते हुए हमें राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को और मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। इतिहास से सीख लेकर भावी पीढ़ी को ऐसी परिस्थितियों से बचाने के लिए जागरूक एवं संवेदनशील बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने जोधपुरवासियों से आह्वान किया कि विभाजन की त्रासदी को सदैव स्मृति पटल पर रखें और उसके प्रति संवेदनशील रहें, लेकिन साथ ही वर्तमान परिस्थितियों के प्रति सजग भी रहें। उन्होंने कहा कि देश विभाजन का दंश झेल चुका है और राष्ट्र की सुरक्षा, एकता एवं अखंडता के प्रति प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहना आवश्यक है।

जोगाराम पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। इस दिवस का उद्देश्य विभाजन के दौरान विस्थापन, हिंसा और पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों के संघर्ष एवं बलिदान को स्मरण करना है। साथ ही, नई पीढ़ी को उस त्रासदी से परिचित कराते हुए सामाजिक सौहार्द, एकता एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश देना है। यह दिवस विभाजन के पीड़ितों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर है।

कार्यक्रम में विभाजन विभीषिका की त्रासदी से प्रभावित एवं दिवंगत लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। इसके पश्चात कैंडल लाइट कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम के दौरान विभाजन से जुड़े संस्मरणों एवं अनुभवों को साझा करने के साथ ही सामाजिक सौहार्द, एकता, शांति एवं राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।

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