भारतीय संस्कृति और सेवा भावना एक सशक्त समाज की आधारशिला है: सामाजिक न्याय मंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 15 जुलाई, भोपाल।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने सामाजिक न्याय विभाग के सभागार में राज्य स्तरीय कार्यशाला "सुचारू देखभाल अर्थव्यवस्था का निर्माण" का उद्घाटन किया। मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका त्रैमासिक" के मंत्र और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक कमजोर और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। विभाग सामाजिक सुरक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, वरिष्ठ नागरिक कल्याण और पुनर्वास सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और प्रौद्योगिकी आधारित बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, परंपराएं और पारिवारिक मूल्य हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की सामंजस्यपूर्ण संस्कृति, सामाजिक भागीदारी और महिलाओं की सक्रिय भूमिका भारतीय जीवन मूल्यों को मजबूत करती है। बुजुर्गों का सम्मान, उनकी सेवा और परिवार के प्रति उत्तरदायित्व हमेशा से भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। वर्तमान समय में इन मूल्यों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर 190 से अधिक देशों ने योग को अपनाया है। योग स्वस्थ जीवन का आधार है और भारतीय संस्कृति की सार्वभौमिक पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के साथ-साथ हमें अपनी पारंपरिक जीवनशैली, संतुलित आहार और प्राकृतिक स्वास्थ्य पद्धतियों को भी अपनाना चाहिए।
मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि परिवार और समाज में वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव का सम्मान किया जाना चाहिए। समय की कमी और बदलती जीवनशैली के कारण पारिवारिक मेलजोल कम हो रहा है, जबकि बुजुर्गों का अनुभव नई पीढ़ी के लिए एक अनमोल धरोहर है। समाज में संस्कृति और सकारात्मक विचारों को मजबूत करने के लिए ऐसे संवाद और कार्यशालाएं अत्यंत आवश्यक हैं।
मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि राज्य में 80 से अधिक वृद्धाश्रम चल रहे हैं और कई संगठन वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंदों की सेवा में लगे हुए हैं। सेवा, संवेदनशीलता और मानव कल्याण भारतीय संस्कृति के मूलभूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि जन जागरूकता बढ़ाने और समाज में सेवा संस्कृति को मजबूत करने के लिए ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग समय-समय पर विचार-विमर्श शिविर और कार्यशालाओं का आयोजन करता है ताकि दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए उपयोगी सुझाव प्राप्त किए जा सकें। विभाग भविष्य में देखभाल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नीतियां और कार्य योजनाएं तैयार करेगा, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों को बेहतर देखभाल और सेवाएं प्रदान की जा सकें।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग की प्रधान सचिव सोनाली पोंकशे वायंगंकर, दिव्यांगजन आयुक्त अजय खेमारिया, सामाजिक न्याय आयुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी, परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष विष्णु राजोरिया और राज्य नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऋषि गर्ग, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे।
#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #Madhya Pardesh
Previous
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व युवा कौशल दिवस की शुभकामनाएं दीं : मध्यप्रदेश
Next