बलराम कृषि महोत्सव को सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाएं: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 11 अगस्त, भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि हमारी भारतीय कृषि संस्कृति का उत्सव है। इसीलिए इसे सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए। इन दिनों राज्य के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है। जिसमें उन्नत कृषि पर केंद्रित एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जा रहा है। किसानों और ग्रामीणों की बड़ी संख्या में भागीदारी इस बात का संकेत है कि किसान स्वेच्छा से इस महोत्सव में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कृति विभाग को बलराम कृषि महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करके बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी का लाभ उठाना चाहिए और उन्हें मनोरंजक तरीके से हमारी संस्कृति और सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस सहित सभी आगामी त्योहारों को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में स्वतंत्रता दिवस और अन्य त्योहारों से संबंधित तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण माह चल रहा है। कौवे मंदिरों की ओर जा रहे हैं। उनके सुगम आवागमन, भोजन, पानी और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था की जानी चाहिए। कौवों को कोई परेशानी नहीं है।

भारत विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस 14 अगस्त को मनाया जाएगा।

गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने बैठक में बताया कि वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ और भारत के विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस 14 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन शौर्य स्मारक पर एक चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे और स्वयं भी इसका अवलोकन करेंगे। इस अवसर पर, शौर्य स्मारक में प्रवासी भारतीयों और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनके महत्वपूर्ण योगदान को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा डॉ. प्रवासी सेनानी वीथी का उद्घाटन किया गया। यह उद्घाटन यादव द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री इसी स्थान से पुलिस बल की तिरंगा बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। रैली शौर्य स्मारक से शुरू होकर शौर्य स्मारक पर ही समाप्त होगी।

स्वतंत्रता दिवस पर, सुबह शौर्य स्मारक पर और शाम को रवींद्र भवन में स्थित मनेगा आजादी महापर्व पर पुष्पांजलि अर्पित की जाती है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव शुक्ला ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुबह 8:30 बजे मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के शौर्य स्मारक स्थित शहीद स्तंभ और भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। उसी दिन शाम 6:30 बजे रवींद्र भवन के हंसध्वनि सभागार में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध पार्श्व गायिका कविता कृष्णमूर्ति और उनके समूह द्वारा संगीतमय प्रस्तुति दी जाएगी।

रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि रक्षा बंधन 28 अगस्त को रक्षा पर्व के रूप में मनाया जाएगा। इस वर्ष इसे सामाजिक संबंधों के राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री आवास पर प्रिय बहनों को रक्षा सूत्र बांधेंगे। साथ ही, इस दिन सभी वरिष्ठ नागरिक समाज के कमजोर वर्गों, जरूरतमंदों और बेसहारा लोगों की रक्षा की भावना से उन्हें रक्षा सूत्र बांधेंगे।

बलराम जयंती 2 सितंबर को मनाई जाएगी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव शुक्ला ने बताया कि बलराम जयंती 2 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन संस्कृति विभाग द्वारा कृषि से संबंधित पारंपरिक कला रूपों की प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में खेल और कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आधुनिक कृषि उपकरण, उर्वरक, बीज और औषधियों पर केंद्रित प्रदर्शनियों और संवादात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

'श्री कृष्ण पर्व'

अतिरिक्त मुख्य सचिव संस्कृति शुक्ला ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा राज्य भर में 29 अगस्त से 6 सितंबर तक 'श्री कृष्ण पर्व' मनाया जाएगा। इसमें 29 अगस्त से 4 सितंबर तक रवींद्र भवन में सात दिवसीय श्री रासलीला समारोह जैसे अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि श्री कृष्ण पर्व के दौरान राज्य के 101 स्थानों पर श्री कृष्ण की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री कृष्ण पर्व से संबंधित गतिविधियों में विद्यालय शिक्षा विभाग, जनजातीय मामलों के विभाग और नगर निकायों को शामिल करने और उनका सहयोग प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।

श्री कृष्ण पर्व के दौरान होने वाली गतिविधियों का स्वरूप

अतिरिक्त मुख्य सचिव शुक्ला ने बताया कि श्री कृष्ण पर्व के दौरान, क्षेत्र में श्री कृष्ण की लीलाओं और घटनाओं से संबंधित 25 स्थानों पर कलाकारों की प्रस्तुतियों, लीला-आधारित गतिविधियों, श्री कृष्ण से संबंधित विभिन्न अवसरों पर नृत्य-नाट्य प्रदर्शनों और भगवान बलराम और श्री कृष्ण पर केंद्रित भक्ति गीतों के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर, संबंधित जिला प्रशासन के अधीन सभी कृष्ण मंदिरों, मठों, तीर्थस्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों का विशेष सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, संस्कृति विभाग के माध्यम से प्रत्येक जिले के महत्वपूर्ण स्थानों पर अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कलेक्टरों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर, सभी श्री कृष्ण मंदिरों में गतिविधियों के आयोजन में तीर्थयात्रा प्राधिकरण और मेला प्राधिकरण का सहयोग भी लिया जाएगा।

मुख्य सचिव अशोक बरनवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुपम राजन, अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, प्रधान सचिव सुखबीर सिंह, जनसंपर्क आयुक्त मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी और अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

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