11/08/25

सहयोग, समन्वय और सामंजस्य से धरातल पर साकार होंगे शत-प्रतिशत एमओयू

एन.एस.बाछल, 11 अगस्त, जयपुर।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि राइजिंग राजस्थान के तहत पर्यटन क्षेत्र में हुए सभी एमओयू की शत-प्रतिशत क्रियान्विति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूर्ण समर्पण और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है। सोमवार को होटल गणगौर में आयोजित एक कार्यक्रम में बैठक में निवेशकों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने निवेशकों से एमओयू के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं एवं परेशानियों को लेकर चर्चा की एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों समस्याओं के समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण के लिए निर्देशित किया।

उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि उनके हर निवेश को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी हर छोटी-बड़ी समस्या के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने उन्होंने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं का सफल क्रियान्वयन न केवल जिले की ब्रांड वैल्यू को बढ़ाएगा, बल्कि प्रदेश और देश के पर्यटन मानचित्र पर जयपुर को एक और मजबूत पहचान देगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन वन-टू-वन फॉलोअप करेगा और विभागीय समन्वय से हर समस्या का त्वरित समाधान होगा, ताकि कोई भी निवेश कागज़ों में अटका न रहे और समय पर धरातल पर उतरे।

संवाद कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि जयपुर में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं हैं, चाहे वह लक्ज़री होटल व रिसॉर्ट हों, ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट, फिल्म शूटिंग लोकेशन, एडवेंचर और डेजर्ट टूरिज्म या फिर पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़े अनुभवात्मक पर्यटन उत्पाद। इन सभी क्षेत्रों में निवेश, स्थानीय रोजगार सृजन के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के ठहराव और खर्च को भी बढ़ाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में व्यापक वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि जयपुर, अपनी अनूठी स्थापत्य कला, ऐतिहासिक किलों, महलों, हवेलियों, संग्रहालयों और सांस्कृतिक धरोहर के कारण विश्व पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान रखता है। यहां का आमेर किला, सिटी पैलेस, हवा महल, जंतर-मंतर और गलियों में बसी परंपरागत कला-कृतियां हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। ऐसे में पर्यटन क्षेत्र में निवेश केवल आर्थिक दृष्टि से लाभकारी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और वैश्विक स्तर पर जयपुर की प्रतिष्ठा को और ऊंचा करने का अवसर भी है।

पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी सभी एमओयू की सफल क्रियान्वति के लिए नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयासों से अब तक 1600 करोड़ रुपये के 11 बड़े एमओयू सफलतापूर्वक लागू हो चुके हैं।

उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान समिट के तहत जयपुर जिले में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े 69 हजार 133 करोड़ रुपये के कुल 332 करार हुए थे, जिनसे 80 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होंगे। इनमें होटल क्षेत्र में 25 हजार 222 करोड़ रुपये के 169 करार, रिसॉर्ट क्षेत्र में 16 हजार 371 करोड़ रुपये के 90, एडवेंचर टूरिज्म में 1 हजार 373 करोड़ रुपये के 21, ईको टूरिज्म में 166 करोड़ रुपये के 8, फिल्म सिटी एवं फिल्म शूटिंग क्षेत्र में 3 हजार 570 करोड़ रुपये के 8 और अन्य संबंधित क्षेत्रों में 19 हजार 409 करोड़ रुपये के 39 करार शामिल हैं।

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