10 बड़ी बातें: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने किया पाकिस्तान को बेनकाब, एक-एक झूठ का किया खुलासा
नई दिल्ली, 08 मई (अभी): पाकिस्तान में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकी देश अब जंग पर उतारू हो चुका है। भारत ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पीओके के आतंकी ठिकानों पर हमला किया था जिसमें उसे बड़ा नुकसान हुआ है। आतंकियों पर भारत के हमले से बिफरे पाकिस्तान अब जंग पर उतर आया है। उसने भारत के 15 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की जिसे भारत ने नाकाम कर दिया। इसी को लेकर आज विदेश मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेंस कर आतंकी देश के कुत्सित इरादों को जाहिर किया। जानिए 10 बड़ी बातें। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा किआज विदेश मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेंस कर आतंकी देश के कुत्सित इरादों को जाहिर किया। जानिए 10 बड़ी बातें। पहलगाम पर हमला असली उकसावे की शुरुआत थी। वहीं से हालात बिगड़ने शुरू हुए। हमने कल उस उकसावे का जवाब दिया। टीआरएफ (TRF) लश्कर-ए-तैयबा का ही एक अज्ञात फ्रंट है।
आतंकियों का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया
हमने देखा है कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री दोनों ने आतंकवादियों को शरण देने की बात स्वीकार की है। पाकिस्तान में आतंकवादियों का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
आतंकी अड्डों को टारगेट कर रहे
हम सिर्फ आतंकी अड्डों को टारगेट कर रहे थे। आतंकियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। पाकिस्तान तनाव बढ़ाएगा तो जवाब मिलेगा।
पाकिस्तान आतंकवाद का अड्डा
पाकिस्तान आतंकवाद का अड्डा रहा है। वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब हुआ है। पाकिस्तान ने कई बार हमला किया है। मुंबई हमले में भी लश्कर का हाथ था। पाकिस्तान का ट्रैक रिकार्ड पूरी दुनिया को पता है।
भारत का हर जवाब संयमित और सटीक
भारत का हर जवाब संयमित और सटीक है। पाकिस्तान में हमने किसी नागरिक को नहीं मारा। पाकिस्तान में सिर्फ आतंकियों को मारा गया है। भारत की बुधवार की कार्रवाई संयमित थी और यह आतंकवादी बुनियादी ढांचे तक ही सीमित थी। पाकिस्तान ने हालात को बढ़ाया, हमने केवल जवाब दिया है। विकल्प पाकिस्तान के पास है।
75 साल से चल रही पाकिस्तान की झूठ की यात्रा
उन्होंने कहा, साल 1947 में अलग देश बनने के बाद ही पाकिस्तान ने कश्मीर में अपने सैनिक भेजे। लेकिन उस समय उसने संयुक्त राष्ट्र से भी झूठ कहा कि वह कबायली हैं, न कि उसके सैनिक। जब बाद में जांच की गई तो उसे मानना पड़ा कि वह उसके सैनिक थे। पाकिस्तान की यह झूठ की यात्रा 75 साल से चल रही है.