पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना दे रही विदेश अध्ययन के सपने : मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 09 जून, भोपाल।

बालाघाट की वरासीवानी तहसील के सवागी गांव के निवासी राजवर्धन राणा ने अपनी प्रतिभा और समर्पण से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। राजवर्धन का चयन इंग्लैंड के प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान 'लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस' में 'मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन' के लिए हुआ है। मध्य प्रदेश सरकार की 'पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना' ने ग्रामीण परिवेश से इस प्रतिष्ठित वैश्विक संस्थान तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राज्य सरकार 'पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना' के तहत राजवर्धन को पूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान करना है। पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष के शुल्क के रूप में 40 लाख 70 हजार 736 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के प्रावधानों के अनुसार, रहने का भत्ता, आकस्मिक भत्ता, बीमा राशि और हवाई किराया भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. राजवर्धन राणा ने इस सफलता पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने मोहन यादव और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर सहित पूरे प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस दूरदर्शी योजना के बिना इतने बड़े संस्थान में पढ़ने का उनका सपना साकार नहीं हो पाता। राजवर्धन ने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, ईमानदारी से मेहनत की जाए और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया जाए, तो सीमित संसाधन सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकते। वे भविष्य में उच्च शिक्षा प्राप्त करके समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं।

राजवर्धन जैसे कई छात्र विदेश में अध्ययन करने के अपने सपनों को विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से साकार कर रहे हैं। इस योजना के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार उन प्रतिभाशाली और होनहार युवाओं को मजबूत वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जो प्रतिभा से भरपूर हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित हैं।

योजना के बारे में जानें

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित 'पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना' इस क्षेत्र के युवाओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। इस योजना के तहत, चयनित छात्रों को विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर, पीएचडी या शोध अध्ययन के लिए ट्यूशन फीस सरकार द्वारा वहन की जाती है। शिक्षा के खर्च के साथ-साथ सरकार रहने और यात्रा का खर्च भी वहन करती है। इस योजना में रहने का भत्ता, आकस्मिक खर्च, स्वास्थ्य बीमा, वीजा शुल्क और विदेश आने-जाने की हवाई यात्रा (इकोनॉमी क्लास) भी शामिल है।

योजना के लिए पात्रता

  • छात्र मध्य प्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए और पिछड़े वर्ग (गैर-क्रीमी स्तर) के अंतर्गत आने चाहिए।

  • पिछली परीक्षा प्रथम श्रेणी (न्यूनतम 60% अंक) से उत्तीर्ण की हो।

  • आवेदक की आयु 35 वर्ष से कम होनी चाहिए।

  • छात्र को विदेश में किसी मान्यता प्राप्त और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय/संस्थान में प्रवेश मिल गया है।

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