राज्य में अमृत मित्र संस्था की महिलाएं अब जल वितरण प्रणाली में रिसाव का पता लगाने और उसकी मरम्मत का काम करेंगी: आयुक्त संकेत भोंडवे
एन.एस.बाछल, 07 अगस्त, भोपाल।
शहरी प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि "मध्य प्रदेश हमेशा से नवाचार आधारित जन कल्याणकारी पहलों में अग्रणी रहा है। अमृत मित्र परियोजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अब गैर-तकनीकी कार्यों के अलावा तकनीकी कौशल भी प्राप्त कर रही हैं, जो शहरी जल प्रबंधन को सक्षम, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में देश की पहली पायलट परियोजना है।" उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं को तकनीकी कौशल के साथ-साथ रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर प्रदान करेगी, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगी। भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (अमृत 2.0 मिशन) से संबद्ध सलाहकार सुश्री उषा गर्ग और सलाहकार श्री अरुण शर्मा इस अभिनव प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए विशेष रूप से उपस्थित थे। केंद्रीय सलाहकारों ने प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण किया और प्रतिभागियों से बातचीत की तथा इस पहल को शहरी जल प्रबंधन, जल संरक्षण और महिला कौशल विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम बताया।
केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा संचालित अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत इस क्षेत्र में कार्यान्वित अमृत मित्र परियोजना महिलाओं के कौशल विकास में एक नया आयाम स्थापित कर रही है। इस क्षेत्र में संचालित 482 परियोजनाओं में, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने जल गुणवत्ता परीक्षण, पार्क रखरखाव और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान दिया है। इस परियोजना का विस्तार करते हुए, महिलाओं को जल वितरण प्रणाली में रिसाव का पता लगाने और पाइपलाइन की मरम्मत जैसे तकनीकी कार्यों में भी शामिल किया जा रहा है। यह राष्ट्रव्यापी पायलट परियोजना 29 जुलाई, 2026 से इंदौर में और 6 अगस्त, 2026 से भोपाल में शुरू की गई है।
प्रशिक्षण के पहले चरण में इंदौर से 30 और भोपाल से 36 महिलाओं का चयन किया गया है। यह व्यावहारिक प्रशिक्षण भोपाल और इंदौर के सरकारी मंडल औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्लंबर ट्रेड के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जल वितरण प्रणाली की संरचना, विभिन्न प्रकार के रिसावों की पहचान, आधुनिक रिसाव पहचान तकनीक, आवश्यक उपकरणों का संचालन, पाइपलाइन की मरम्मत, सुरक्षा मानक, गुणवत्ता नियंत्रण और फील्ड डॉक्यूमेंटेशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इस तकनीकी जागरूकता के साथ, महिलाएं भविष्य में शहरी जल आपूर्ति प्रणाली को बेहतर बनाने और जल की बर्बादी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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